इंदौर में हुई मौतों के बाद भी प्रशासन के जागरूक ना होने पर कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला ने किया प्रदर्शन
नरेला जोन क्रमांक 17 में भी प्रशासन भगीरथपुरा जैसी घटना होने की प्रतीक्षा कर रहा प्रशासन- शुक्ला


भोपाल। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 20 लोगों की मौत हो चुकी है। 9 मरीज अब भी आईसीयू में भर्ती हैं। पूरे मामले में अस्पताल में भर्ती हुए मरीजों की कुल संख्या 437 पहुँच गई है। लेकिन अभी तक प्रशासन एवं अधिकारी नहीं जागे है। नरेला विधानसभा जोन क्र. 17 जिसकी आबादी लगभग 1.5 लाख है, वहां की जनता आज भी सीवेज मिश्रित दूषित जल पीने को मजबूर हैं।
यहाँ की नवाब कॉलोनी में लोग लगभग 5 सालों से सीवेज मिला दूषित जल पीने को मजबूर हैं। शिकायतें करने पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही नगर निगम लीपापोती में मशगूल है।
सम्भव है इंदौर जैसी जनहानि यहाँ भी हो सकती है। कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला क्षेत्र में मौजूद इन जहरीले जल स्रोत का निरीक्षण कर नगर निगम से इस मामले में तुरंत एक्शन लेने की मांग की है। शुक्ला ने आरोप लगाया है कि लंबे समय से इस मामले की शिकायत नगर निगम से की गई लेकिन नागरिकों की सुनवाई नहीं हुई है। नगर निगम ख़ुद भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा हुआ है।
यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो भोपाल में भी इंदौर की तरह अनहोनी होने की आशंका बनी हुई है। निगम प्रशासन केवल खानापूर्ति कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।इन लोगो की कोई सुध लेने वाला नही है। शुक्ला ने कहा की जोन 17 में भी प्रशासन भागीरथपुरा जैसी घटना होने की प्रतीक्षा कर रहा है ऐसा प्रतीत होता है। शुक्ला ने यह चेतावनी दी है की यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो दूषित जल लेकर नगर निगम आयुक्त कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
इस अवसर पर उपब्लॉक अध्यक्ष महेश मेहरा, अमित खत्री, बाबर ख़ान, दीपक दीवान, विजेंद्र शुक्ला, आशीष ओझा, सैयद उस्मान अली, सैफ़िल अहमद आदि मौजूद थे।

