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रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “शोध शिखर 2026” का भव्य आयोजन 6–7 फरवरी को

भोपाल। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल में 6 एवं 7 फरवरी 2026 को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “शोध शिखर 2026” के पांचवें संस्करण का भव्य आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन की थीम “ इनोवेशन फार इम्पैक्ट: एडवांसिंग ग्रीन टेक्नोलॉजी से एण्ड सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी’स) (Innovations for Impact: Advancing Green Technologies and SDGs)” निर्धारित की गई है, जिसके अंतर्गत हरित प्रौद्योगिकी, सतत विकास लक्ष्यों (SDGs), नवाचार तथा शोध आधारित समाधानों पर गहन मंथन किया जाएगा।

सम्मेलन का उद्घाटन सत्र 6 फरवरी 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होगा, जिसमें डॉ. अपर्णा एन., ग्रुप डायरेक्टर, एनआरएससी, इसरो बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे करेंगे। विशिष्ट अतिथियों में श्री माइकल श्क्लोव्स्की, वेंचर फाउंडर, बेयर क्रॉप साइंस तथा डॉ. विनोद शिवरैन, सिन्जेंटा इंडिया, डॉ रजत संधीर, प्रोफेसर पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़, डॉ रवि प्रकाश दुबे, कुलगुरु, आरएनटीयू, और डॉ अरुण जोशी, कुलगुरु, डॉ सी वी रामन यूनिवर्सिटी खण्डवा प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगे।

इस अवसर पर हरित नवाचार, कृषि प्रौद्योगिकी, विज्ञान संचार तथा उद्योग–शिक्षा–अनुसंधान सहयोग के महत्व पर अतिथियों द्वारा विचार व्यक्त किए जाएंगे। साथ ही शोध शिखर 2026 स्मारिका सहित विभिन्न पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा।

सम्मेलन के अंतर्गत विज्ञान पर्व 2026 का आयोजन किया जाएगा, जिसके तहत विभिन्न तकनीकी सत्र, पैनल चर्चा, शोध पत्र प्रस्तुतियाँ, पोस्टर सत्र तथा विशेषज्ञ व्याख्यान संपन्न होंगे। “इनोवेशन फॉर इंपैक्ट” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ हरित तकनीकों, डिजिटल फार्मिंग, जलवायु परिवर्तन एवं सतत विकास के व्यावहारिक समाधानों पर अपने विचार साझा करेंगे।

इसके अतिरिक्त सम्मेलन के दौरान रिसर्च प्रोजेक्ट एग्जीबिशन एवं आइडिया कर्मशलाइजेशन एग्जिबिशन का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें शोधार्थी, नवाचारकर्ता एवं स्टार्टअप्स अपने शोध प्रोजेक्ट्स और व्यावसायिक अवधारणाओं का प्रदर्शन करेंगे। इसरो उपलब्धियों, वॉयस मॉड्यूलेशन, वैदिक गणित, विज्ञान संचार, कठपुतली तथा नुक्कड़ नाटक जैसी कार्यशालाएं भी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहेंगी, जो विज्ञान को जनसरोकार से जोड़ेंगी।

सम्मेलन का समापन सत्र 7 फरवरी 2026 को आयोजित होगा, जिसमें प्रो. खेमसिंह डहेरिया, अध्यक्ष, मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। वहीं डॉ. मृत्युंजय महापात्रा, महानिदेशक, भारत मौसम विज्ञान विभाग विशिष्ट अतिथि होंगे। समापन सत्र में सम्मेलन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी, पुरस्कार वितरण किया जाएगा तथा उत्कृष्ट शोध कार्यों को सम्मानित किया जाएगा।

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