सनातन धर्म में फुलेरा दूज का पर्व बहुत खास माना जाता है. यह त्योहार 19 फरवरी 2026, गुरुवार को मनाया जाएगा. हिंदू पंचांग के अनुसार, फुलेरा दूज हर साल फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाई जाती है. यह पर्व बसंत पंचमी और होली के बीच आता है और इसी दिन से होली की तैयारियां भी शुरू हो जाती हैं.
फुलेरा दूज का शुभ मुहूर्त
पंचांग के मुताबिक, फाल्गुन शुक्ल द्वितीया तिथि की शुरुआत 18 फरवरी को शाम 4:57 बजे होगी और इसका समापन 19 फरवरी को दोपहर 3:58 बजे होगा. उदयातिथि के आधार पर यह पर्व 19 फरवरी को मनाया जाएगा.
फुलेरा दूज का शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:14 बजे से 6:05 बजे तक
- अमृत काल: दोपहर 1:40 बजे से 2:34 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:28 बजे से 3:13 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:12 बजे से 6:37 बजे तक
- इन शुभ मुहूर्तों में पूजा-पाठ और अन्य मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं.
कहां खास होता है यह पर्व?
फुलेरा दूज की रौनक खासतौर पर उत्तर प्रदेश के मथुरा, ब्रज और वृंदावन में देखने को मिलती है. यहां मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के साथ फूलों की होली खेली जाती है.
फुलेरा दूज का महत्व
इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा जी की पूजा की जाती है. फूलों की होली खेलने की परंपरा है, जिसमें सुगंधित फूलों का उपयोग किया जाता है. मान्यता है कि यदि किसी शुभ कार्य के लिए मुहूर्त न मिल रहा हो, तो फुलेरा दूज के दिन वह कार्य किया जा सकता है. प्रेम विवाह या वैवाहिक जीवन में सुख-शांति के लिए भी इस दिन विशेष पूजा और उपाय किए जाते हैं.

