देशविदेश

पराग्वे के राष्ट्रपति युवा व आकर्षक, लेकिन मुझे महिलाएं पसंद’, शांति बोर्ड की बैठक में ट्रंप का अजीब बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांति बोर्ड की पहली बैठक को संबोधित करते हुए अजीबोगरीब बयान दिया। उन्होंने पराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें युवा और आकर्षक बताया। लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें महिलाएं पसंद हैं। ट्रंप के बयान से बैठक में मौजूद अन्य विश्व नेता असहज नजर आए। पढ़ें रिपोर्ट-

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने गुरुवार को अपने पराग्वे के समकक्ष सैंटियागो पेना का जिक्र करते हुए उन्हें युवा और आकर्षक व्यक्ति बताया। ट्रंप शांति बोर्ड की पहली बैठक को संबोधित कर रहे थे। यहां उन्होंने दुनिया के नेताओं का एक-एक करके स्वागत किया।

ट्रंप ने कहा, युवा और सुंदर होना हमेशा अच्छा होता है। इसका मतलब यह नहीं है कि हमें आपको पसंद करना ही पड़े। मुझे युवा, सुंदर पुरुष पसंद नहीं हैं। मुझे महिलाएं पसंद हैं। पुरुषों में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं है। उनके इस बयान पर वहा मौजूद लोग असहजा से हसंते नजर आए।

शांति बोर्ड की पहली बैठक में क्या-क्या हुआ?
शांति बोर्ड की बैठक में गाजा में युद्धविराम के अगले चरण पर फोकस किया गया। इस बैठक में दुनिया के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। इस मौके पर ट्रंप ने कहा कि यह बोर्ड केवल गाजा में शांति स्थापित नहीं करेगा, बल्कि दुनिया के अन्य संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में भी हस्तक्षेप करेगा। उन्होंने कहा, हम गाजा की मदद करेंगे। हम इसे सही करेंगे। इसे सफल बनाएंगे। इसे शांतिपूर्ण बनाएंगे और ऐसी ही चीजें अन्य स्थानों पर भी करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि इसके सदस्य ‘ऐसी चीजें कर सकते हैं, जिनके बारे में कई लोग सोच भी नहीं सकते।’ इस बैठक में 40 देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे, जिनमें राष्ट्राध्यक्ष भी शामिल थे। राष्ट्रपति ने कहा कि बोर्ड के सदस्यों ने गाजा के पुनर्निर्माण के लिए सात अरब डॉलर के योगदान की घोषणा की है और अमेरिका की ओर से 10 अरब डॉलर की प्रतिबद्धता का एलान किया गया है। उन्होंने कहा कि यह राशि युद्ध की लागत की तुलना में छोटी है।

बैठक से पहले अमेरिका के कुछ सहयोगियों ने चिंता जताई थी कि ट्रंप संयुक्त राष्ट्र को चुनौती देने की कोशिश कर सकते हैं, क्योंकि उनका लक्ष्य वैश्विक संघर्षों के समाधान में इस संगठन की भूमिका बढ़ाना है। अपने भाषण में ट्रंप ने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र को मजबूत बनाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि शांति बोर्ड इस ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय संस्था पर नजर रखेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि यह सही तरीके से काम करे।

बैठक में हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई जैसे कई विश्व नेता मौजूद थे, जो ट्रंप के सहयोगी हैं। प्रतिभागियों को लाल रंग की मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (एमएजीएः शैली की टोपी दी गई, जिस पर ‘यूएसए’ लिखा था। ट्रंप ने शांति बोर्ड को अपने राजनीतिक विरासत का केंद्रीय हिस्सा बताया और कहा कि शांति उनके दूसरे कार्यकाल का मुख्य उद्देश्य है। यह बैठक डोनाल्ड जे. ट्रंप यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में आयोजित हुई। ट्रंप ने कहा कि इसे ‘डोनाल्ड जे. ट्रंप यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस नाम देने का विचार विदेश मंत्री मार्को रुबियो का था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button