

दावाओ सिटी, फिलीपींस, 14 मार्च, 2026: दावाओ सिटी में आयोजित ‘दावाओ मेडिकल स्कूल फाउंडेशन इंक’ (DMSF) के 25वें अंतरराष्ट्रीय दीक्षांत समारोह में भारतीय मूल के 1,015 छात्रों को डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (MD) की डिग्री प्रदान की गई, जो बीते कुछ सालों में किसी एक विदेशी चिकित्सा संस्थान से स्नातक होने वाले भारतीय मेडिकल छात्रों का सबसे बड़ा समूह है।
DMSF से मिलने वाली डॉक्टर ऑफ़ मेडिसिन (MD) की डिग्री भारत में MBBS की डिग्री के बराबर मानी जाती है, जो हाल के समय में विदेश के किसी एक मेडिकल कॉलेज से ग्रेजुएट होने वाले भारतीय छात्रों के सबसे बड़े समूहों में से एक है।
पिछले कुछ सालों में, दावाओ मेडिकल स्कूल फाउंडेशन उन भारतीय छात्रों की पहली पसंद बना हुआ है, जो विदेश जाकर चिकित्सा के क्षेत्र में पढ़ाई करना चाहते हैं। इस संस्थान से अब तक लगभग 12,000 भारतीय छात्रों ने ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है, जिनमें बहुत से डॉक्टर आज भारत और दुनिया के अलग-अलग कोनों में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।
इस साल स्नातक की डिग्री पाने वाले छात्र भारत के अलग-अलग हिस्सों और समुदायों से ताल्लुक रखते हैं। इससे जाहिर है कि देश भर से डॉक्टर बनने की चाह रखने वाले छात्र DMSF में अपनी चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के लिए आते हैं क्योंकि यह संस्थान ऐसे छात्रों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
इस मौके पर ट्रांसवर्ल्ड एजुकेयर के सीईओ एवं संस्थापक अध्यक्ष, डॉ. डेविड पिल्लई ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा: “यह दीक्षांत समारोह छात्रों और उनके परिवारों के साथ-साथ उन सभी लोगों और संस्थाओं के लिए भी गौरव का लम्हा है, जो विदेश में चिकित्सा की पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों की मदद करते हैं। फिलीपींस अपनी बेहतरीन गुणवत्ता वाली शिक्षा, अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई और विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त चिकित्सा प्रशिक्षण के कारण लंबे समय से चिकित्सा के क्षेत्र में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य रहा है।
इस साल दावाओ मेडिकल स्कूल फाउंडेशन से 1,000 से ज़्यादा भारतीय छात्रों ने ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की, जिससे जाहिर है कि भारतीय छात्र अब विश्व स्तर की मेडिकल पढ़ाई के लिए के लिए बहुत उत्सुक हैं। साथ ही, इससे भारत और पूरी दुनिया की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का उनका संकल्प भी जाहिर होता है।”
DMSF ने फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (FMGE) में अपने स्नातक छात्रों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत शिक्षा जगत में अपनी पहचान बनाई है। यह विदेशों से चिकित्सा के क्षेत्र में स्नातक करने वाले उन छात्रों के लिए आवश्यक योग्यता परीक्षा है, जो भारत में डॉक्टर के तौर पर अपनी सेवा देना चाहते हैं। पिछले दस सालों में, FMGE परीक्षा में शीर्ष रैंक पाने वालों में दावाओ मेडिकल स्कूल फाउंडेशन के छात्र लगातार अपनी जगह बना रहे हैं, जिससे यह बात जाहिर है कि इस संस्थान में शिक्षा के साथ-साथ चिकित्सा के प्रायोगिक प्रशिक्षण का स्तर बेहतरीन है।
फिलीपींस विदेश में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों के लिए सबसे पसंदीदा जगह बन गया है, जिसकी मुख्य वजह इस प्रकार हैं:
• अंग्रेजी माध्यम में मेडिकल की पढ़ाई, जिससे भारतीय छात्रों के लिए शिक्षा पाना बेहद आसान हो जाता है
• चिकित्सा के क्षेत्र में काम करने का बेहतरीन अवसर और अस्पताल में प्रशिक्षण की सुविधा
• विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में भारतीय छात्रों की पहले से मौजूद शानदार कम्युनिटी
• दुनिया के कई अन्य देशों के मुकाबले काफी सस्ती पढ़ाई
फिलीपींस की मेडिकल यूनिवर्सिटी में भारतीय छात्रों की लगातार बढ़ती मौजूदगी, भारत और फिलीपींस के बीच मजबूत होते शैक्षणिक संबंधों, विशेष रूप से चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत संबंधों को दर्शाती है।
दावाओ मेडिकल स्कूल फाउंडेशन के OIC डीन ऑफ कॉलेज, इरविन रोमेल एन. होंटिवेरोस ने कहा: “दावाओ मेडिकल स्कूल फाउंडेशन पिछले कई दशकों से भारतीय छात्रों का स्वागत किया है और उन्हें एक काबिल डॉक्टर बनाने के सफर में हर कदम पर उनका साथ दे रहा है। हमारे स्नातक छात्रों की कामयाबी और FMGE परीक्षा में उनका बेहतरीन प्रदर्शन इस बात का सबूत है कि, हमारे संस्थान में छात्रों के लिए बेहतरीन शिक्षा के साथ-साथ अव्वल दर्जे के प्रायोगिक प्रशिक्षण की व्यवस्था है।”
इस दीक्षांत समारोह में शिक्षा के क्षेत्र के दिग्गज, प्राध्यापक, छात्र और उनके परिवार वाले शामिल हुए। इस अवसर पर भारत के मेडिकल छात्रों की उपलब्धियों का जश्न मनाया गया और भारत एवं फिलीपींस के बीच शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग को भी दुनिया के सामने प्रस्तुत किया गया।


