मनोरंजन

करिश्मा कपूर की पूर्व सास को सुप्रीम कोर्ट ने फटकारा- 80 साल लड़ने की उम्र नहीं, प्रिया को भी नोटिस जारी

संजय कपूर के लंदन में असमय निधन को एक साल हो गया है। तब से बहुत कुछ बदल गया है। संजय कपूर की पूर्व पत्नी करिश्मा कपूर और उनकी तीसरी पत्नी प्रिया कपूर में भी बदलाव आया है। इसकी शुरुआत तब हुई जब करिश्मा ने अपने बच्चों समायरा कपूर और कियान कपूर की ओर से प्रिया कपूर के खिलाफ उत्तराधिकार का मुकदमा दायर किया। बाद में, करिश्मा कपूर की एक्स सास ने भी संपत्ति विवाद को लेकर अपनी बहू प्रिया कपूर के खिलाफ मुकदमा दायर करके इस कानूनी लड़ाई में हिस्सा लिया। अब कोर्ट ने रानी कपूर को बीच का रास्ता निकालने का सुझाव दिया है।

रानी कपूर अपने बेटे संजय कपू की विधवा प्रिया कपूर को करोड़ों की संपत्ति के विवाद को लेकर अदालत ले गईं, जो उनके बेटे के असामयिक निधन के बाद उनके नाम हुई थी। समाचार एजेंसी एएनआई से मिली नई जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर से उनकी मां द्वारा दायर मुकदमे पर जवाब मांगा है। मां ने पारिवारिक ट्रस्ट को अमान्य घोषित करने की मांग की है।

कोर्ट ने रानी कपूर से क्या कहा!

न्यायमूर्ति जे बी परदीवाला और विजय बिश्नोई की पीठ ने 80 वर्षीय रानी कपूर द्वारा दायर याचिका पर प्रिया कपूर और अन्य को नोटिस जारी किया है। रानी कपूर ने आरोप लगाया है कि अक्टूबर 2017 में उनके नाम पर गठित ट्रस्ट जाली, मनगढ़ंत और धोखाधड़ी वाले दस्तावेजों का परिणाम है। सर्वोच्च न्यायालय ने सोना ग्रुप फैमिली ट्रस्ट विवाद में शामिल पक्षकारों को मध्यस्थता का विकल्प चुनने को कहा है। पीठ ने रानी कपूर के वकील से कहा, ‘आप सब क्यों लड़ रहे हैं? यह आपके मुवक्किल के लड़ने की उम्र नहीं है। एक बार में ही मध्यस्थता का रास्ता अपनाएं। अन्यथा, यह सब व्यर्थ है। आप 80 साल की हैं। यह आपके मुवक्किल के लड़ने की उम्र नहीं है।’ अदालत ने मामले की सुनवाई 7 मई को तय की है।

रानी कपूर बोलीं- संपत्ति फ्रीज हो

यह मामला उनके बेटे संजय कपूर की मौत के बाद छोड़ी गई करोड़ों डॉलर की संपत्ति से जुड़ा है। रानी कपूर का दावा है कि उनकी जानकारी के बिना एक पारिवारिक ट्रस्ट बनाया गया है, जो उनकी विरासत और संपत्ति से उन्हें वंचित करने का एक अनुचित तरीका है। उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय से मामले की सुनवाई जारी रहने तक संपत्ति को फ्रीज करने और अपने अधिकारों की रक्षा करने का अनुरोध किया। हालांकि, उनकी याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद, उन्होंने शीर्ष न्यायाधीश से मदद करने का अनुरोध किया कि असली मालिक का पता चलने से पहले परिवार संपत्ति खर्च न कर दे।

रानी कपूर के आरोप

इतना ही नहीं, रानी कपूर ने यह भी दावा किया कि परिवार ने उनकी कमजोर स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि 2017 में, जब वह स्ट्रोक से उबर रही थीं, तब उन्होंने उन पर पेपर्स पर साइन करने का दबाव डाला, जिनमें से कुछ पेपर कागजी कार्रवाई के नाम पर खाली थे। उन्होंने अपने बेटे संजय कपूर और उनकी पत्नी प्रिया पर भी आरोप लगाया कि उन्होंने उनकी बीमारी का फायदा उठाकर उनकी संपत्ति को पारिवारिक ट्रस्ट में ट्रांसफर कर दिया।

प्रिया कपूर ने ननद के खिलाफ की शिकायत

जवाबी कार्रवाई में, प्रिया ने अपने दिवंगत पति की बहन मंधिरा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। शिकायत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज की गई थी, और इसमें कई पॉडकास्ट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किए गए झूठे बयान और व्यक्तिगत हमले शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे उनकी प्रतिष्ठा को काफी नुकसान पहुंचा है।

प्रिया कपूर की शिकायत में क्या?

प्रिया की ओर से वकील मनिंदर सिंह और स्मृति अस्मिता पेश हो रहे हैं। शिकायत में प्रिया ने कहा है कि सार्वजनिक रूप से सामने आए कंटेंट भ्रामक हैं और आरोप कानूनी प्रक्रिया के बजाय सार्वजनिक तरीकों से उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से लगाए गए हैं। उनके वकील ने कहा कि संबंधित कानून के अनुसार यह आपराधिक मामला है। मामले की सुनवाई पटियाला हाउस कोर्ट में हुई, जहां शुरू में शिकायत दर्ज की गई थी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button