जन अभियान परिषद के कर्मचारियों को वेतन दिलाया जाए तथा वाहनों को दुरुपयोग पर रोक लगाई जाए
मध्य प्रदेश राज्य निगम मंडल अधिकारी कर्मचारी महासंघ के संयोजक अनिल बाजपेई ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में मांग की है की जन अभियान परिषद के कर्मचारियों को वेतन दिलाया जाए तथा वाहनों को दुरुपयोग का रूप लगाई जाए . मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद में बर्ष 2007-08 से संविदा पर भर्ती अधिकारी/कर्मचारियों को भर्ती सेवा नियम 2018 में नियमित किया गया संविदा अवधि के 10बर्ष जोड़कर वरिष्ठता सूची तैयार कर समयमान वेतनमान, क्रमोन्नति पदोन्नति का लाभ दिया जाए.
2-बर्षों से पद प्रभार पर डटे हुए अधिकारियों को हटा कर वरिष्ठता सूची/अच्छी सी आर वाले अधिकारियों को पद प्रभार सौंपा जाए
3- 2018में नियमित होने के बाद परिवीक्षा अवधि के दौरान बड़े मंहगाई भत्ता का एरियर दिया जाए
4-परिषद के नियमित अधिकारी/कर्मचारियों को 7th पे माह दिसम्बर2025से दिया गया है शासन नियमानुसार एरियर की राशि भुगतान किया जाना चाहिए
5-परिषद वाहन व्यय की फिजूलखर्ची रोगी जाए अधिकत्तर जिला और सम्भागों में प्रभार पर जमे हुए अधिकारियों के द्वारा निजी गाड़ियों को निजी उपयोग कर भुगतानों पर फिजूलखर्ची की जा रही हैं जिस पर रोक लगे
6-परिषद की योजनाओं का हर बर्ष सामाजिक अंकेक्षण किया जाना चाहिए सामाजिक प्रभाव न होने वाली योजनाओं को बंद कर दिया जाना चाहिए
7-परिषद जिस कार्य उद्देश्य के लिए गठित है उसी की कार्य योजना अनुसार कार्य किया जाना चाहिए
8- वित्त वर्ष 2025-26 में परिषद की किसी भी योजना को समय पर चालू नहीं किया गया तो परिषद की साख पर प्रश्नचिन्ह है
9-प्रशिक्षण कार्यक्रम पर स्टेट, सम्भागों और जिलों में कटौती कर ग्राउंड लेवल प्रशिक्षण कार्यक्रम पर बजट खर्च किया जाना चाहिए
10-भर्ती सेवा नियम 2018 के अनुसार अधिकारी/कर्मचारियों के वेलफेयर के लिए परिषद में कार्य तय समय सीमा में होना चाहिए
11- विकास खण्ड स्तर पर कार्यालय बनाये गए करोड़ो की खरीदी फर्नीचर ओर उपकरणों की की गई लेकिन विकास खण्ड स्तर पर कार्यालयों के लिए न कोई बजट है और न चलाने के लिए स्टाफ है जिस कारण करोड़ों रुपए के फर्नीचर और उपकरण अनुपयोगी हो रहे हैं कार्यालय संचालन के लिए बजट और स्टाफ होना चाहिए
12-स्थानांतरण नीति से केवल ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को स्थानांतरित किया जाता हैं जबकि राज्य, सम्भागों और ज़िलों में लंबे समय से डटे हुए अधिकारी/कर्मचारियों का स्थान परिवर्तन होना चाहिए
13-विना किसी कारण बिना पूर्व सूचना के माह मार्च 26का वेतन कई जिलों में रोक दिया गया है यह तानाशाही है
14 -msw और bsw के छात्रों से पैसे बसूल करने के बाद भी पुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं
15- बरिष्ठ अधिकारी छुट्टी के दिनों में घर पर अवकाश लाभ उठाते हैं और ब्लॉक कॉर्डिनेटर छुट्टी के दिन भी काम करता है यह भेदभाव है



