संपादकीय

पाकिस्तान ने लूट ली महफिल!’…अमेरिका-ईरान सीजफायर कराकर बन गया ‘विश्वगुरु

नई दिल्ली: अमेरिका-ईरान के बीच दो हफ्तों का युद्धविराम हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसका ऐलान करते हुए इसे ‘विश्व शांति के लिए बड़ा दिन’ करार दिया है। अमेरिका और ईरान दोनों ने इसके पीछे पाकिस्तान की कोशिशों की तारीफ की है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक में पाकिस्तान की वाहवाही हो रही है। मगर, भारत में आतंक फैलाने वाला पाकिस्तान क्या वाकई में शांति का सूत्रधार है, या इसके पीछे कोई अलग ही खेल चल रहा है। यह भी सवाल उठ रहा है कि भारत क्या इस मामले में कूटनीतिक तौर पर पीछे रह गया है। वेडनेसडे बिग टिकट में इन सवालों के जवाब एक्सपर्ट से जानते हैं।

पाकिस्तान ने सीजफायर कराकर बढ़ा लिया अपना कद

डिफेंस एनालिस्ट लेफ्टिनेंट कर्नल (रि.) जेएस सोढ़ी के अनुसार, अमेरिका-ईरान सीजफायर में पाकिस्तान की भूमिका वाकई में काबिले-तारीफ है। अब जो भी इस मामले में पाकिस्तान ने बढ़त बना ली है। मध्यस्थता वही करा सकता है, जिस पर दोनों पक्षों को भरोसा है। ऐसे में दुनिया में पाकिस्तान का कद बढ़ा है। खासतौर पर मुस्लिम दुनिया में। इस सीजफायर के जरिये पाकिस्तान पूरी महफिल लूट ली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बाकायदा पाकिस्तान का नाम लिया है, जो बड़ी बात है।

पाकिस्तान ने सीजफायर कराया, मगर विश्वगुरु नहीं

डिफेंस एनालिस्ट जेएस सोढ़ी कहते हैं कि पाकिस्तान ने भले ही सीजफायर करा दिया हो, मगर वह विश्वगुरु नहीं बन सकता है। क्योंकि पाकिस्तान की आर्थिक ताकत भारत जैसी नहीं है। भारत ने जापान को पछाड़कर दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था का खिताब पिछले साल ही हासिल कर लिया था। अब वह जर्मनी को पीछे छोड़कर तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है।

यह भारत के लिए है खतरे की घंटी

  • डिफेंस एनालिस्ट जेएस सोढ़ी के अनुसार, पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर हुआ है। अब इससे पाकिस्तान की दुनिया की तीनों महाशक्तियों के बीच पैठ बढ़ी है। अमेरिका, चीन और रूस तीनों से उसके ताल्लुकात गहरे हुए हैं।
  • इस क्षेत्र में पाकिस्तान का कद बढ़ने से भारत के लिए खतरे की घंटी है। क्योंकि पाकिस्तान हमेशा से भारत को नुकसान पहुंचाता रहा है।
  • भारत में आतंकवाद फैलाता रहा है। ऐसे में वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान के खिलाफ आतंकरोधी गठजोड़ बनाने की भारत की कोशिश कमजोर होगी। इन ताकतों के चलते पाकिस्तान अब खुलकर भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे सकता है।
  • जहां तक भारत के मध्यस्थता कराने की बात है, तो भारत के अमेरिका-इजरायल और ईरान तीनों से अच्छे संबंध हैं, मगर भारत ने शुरू से इंतजार करो और देखो की नीति का पालन किया है। भारत एक-एक कदम फूंककर आगे बढ़ता है।

2030 के बाद पाकिस्तान के साथ युद्ध छेड़ सकता है चीन

जेएस सोढ़ी के अनुसार, पाकिस्तान की कूटनीतिक मजबूती बए़ने से भारत की एक और चिंता यह हो सकती है कि पाकिस्तान के साथ मिलकर चीन 2030 के बाद भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ सकता है, जैसा कि ग्लोबल टाइम्स के लेख से चीन की भारत विरोधी रणनीतियों के खुलासे से होता है।

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