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जसपाल राणा और रणधीर सिंह के सम्मान में एनआरएआई का बड़ा फैसला, दोनों के नाम पर होंगी घरेलू प्रतियोगिताएं

 

जुलाई में आयोजित होने वाली इंडिया ओपन शूटिंग प्रतियोगिताओं को भारतीय शूटिंग और खेल प्रशासन की दो प्रतिष्ठित हस्तियों के नाम समर्पित किया जाएगा। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) ने घोषणा की है कि राइफल और पिस्टल स्पर्धाओं की इंडिया ओपन प्रतियोगिता अब ‘जसपाल राणा मेमोरियल इंडिया ओपन प्रतियोगिता (राइफल/पिस्टल इवेंट्स)’ के नाम से जानी जाएगी। वहीं शॉटगन स्पर्धाओं को ‘राजा रणधीर सिंह मेमोरियल इंडिया ओपन प्रतियोगिता (शॉटगन इवेंट्स)’ नाम दिया गया है।भारतीय शूटिंग के बड़े नाम हैं जसपाल राणा

भारतीय शूटिंग में जसपाल राणा का योगदान बेहद अहम माना जाता है। उनकी उपलब्धियों ने देश में इस खेल के प्रति नई ऊर्जा और उत्साह पैदा किया। एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में कई पदक जीतने वाले राणा एक समय 15 पदकों के साथ भारत के सबसे सफल कॉमनवेल्थ गेम्स एथलीट रहे थे, जिनमें नौ स्वर्ण पदक शामिल थे।

साल 1994 में हिरोशिमा एशियन गेम्स में जीते गए स्वर्ण पदक ने उनके शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर की नींव रखी थी। इसके बाद उन्होंने खुद को अपने दौर के शीर्ष पिस्टल निशानेबाजों में स्थापित किया। खिलाड़ी के रूप में सफलता हासिल करने के साथ-साथ उन्होंने कोच और मेंटर के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कई प्रमुख भारतीय पिस्टल निशानेबाजों को तैयार किया और देश को शूटिंग की वैश्विक ताकत बनाने में योगदान दिया।

राजा रणधीर सिंह ने भी रचा था इतिहास
राजा रणधीर सिंह भारतीय शूटिंग के सबसे सम्मानित शॉटगन निशानेबाजों में गिने जाते हैं। उन्होंने कई ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और साल 1978 के बैंकॉक एशियन गेम्स में शूटिंग में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाकर इतिहास रच दिया था।

उनका योगदान केवल खिलाड़ी तक सीमित नहीं रहा। वह वैश्विक ओलंपिक आंदोलन के प्रमुख खेल प्रशासकों में भी शामिल रहे हैं। उन्होंने भारतीय और अंतरराष्ट्रीय खेल संगठनों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और वर्तमान में ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे हैं।एनआरएआई ने बताया श्रद्धांजलि
एनआरएआई के अध्यक्ष कालीकेश नारायण सिंह देव ने कहा कि जसपाल राणा और राजा रणधीर सिंह ऐसी महान हस्तियां हैं, जिनके योगदान ने भारत में शूटिंग के विकास को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि जसपाल राणा ने एक चैंपियन निशानेबाज, कोच और मेंटर के रूप में कई पीढ़ियों को प्रेरित किया, जबकि राजा रणधीर सिंह ने एक उत्कृष्ट खिलाड़ी और दुनिया के सम्मानित खेल प्रशासक के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। उनके अनुसार, जुलाई में होने वाली इंडिया ओपन प्रतियोगिताओं का नाम इन दोनों दिग्गजों के सम्मान में रखना उनकी विरासत और खेल जगत को दी गई प्रेरणा के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है

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