
भारत के ऑटोमोबाइल बाजार से एक उत्साहजनक खबर आई है। देश में बैटरी से चलने वाली गाड़ियों (इलेक्ट्रिक वाहन) (ईवी) का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। वाहन (Vahan) रजिस्ट्रेशन डेटा के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून (Q1 FY27) में इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स के पंजीकरण में लगभग 90 फीसदी (89.7 प्रतिशत) का भारी उछाल देखा गया है।
क्या कहते हैं इस तिमाही के आंकड़े?
इस साल की पहली तिमाही में ग्राहकों ने दिल खोलकर ईवी को अपनाया है। आइए नजर डालते हैं इस सफर पर:
- सालाना बढ़त: पिछले साल इसी तिमाही (अप्रैल-जून) में जहां 43,710 इलेक्ट्रिक गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हुआ था। वहीं इस साल यह आंकड़ा लगभग दोगुना होकर 82,737 यूनिट्स पर पहुंच गया।
- महीने-दर-महीने बढ़ता ग्राफ: पहली तिमाही के दौरान ईवी की रफ्तार लगातार तेज होती गई:
- अप्रैल: 24,963 यूनिट्स
- मई: 27,320 यूनिट्स
- जून: 30,454 यूनिट्स
ईवी की तरफ अचानक क्यों बढ़े लोग?
उद्योग के दिग्गजों और जानकारों के मुताबिक, इसके पीछे दो मुख्य वजहें रही हैं:
- ईंधन की आसमान छूती कीमतें: पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दामों में काफी तेजी आई।
- किफायती सफर: वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव तो होता रहा, लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाने का खर्च पूरी तरह स्थिर रहा। इसी बेहतर अर्थशास्त्र की वजह से ग्राहकों ने ईवी को एक समझदारी भरा विकल्प माना।
कारें खरीदने के लिए जेब कितनी ढीली करनी होगी?
गाड़ियों की बढ़ती मांग के बीच कंपनियों पर इनपुट कॉस्ट (लागत), कमोडिटी की कीमतों और ऑपरेशनल खर्चों का दबाव बढ़ा है। इसी वजह से कई कंपनियों ने अपनी कारों के दाम बढ़ा दिए हैं:
- टाटा मोटर्स: 1 जुलाई से अपने पूरे पैसेंजर व्हीकल पोर्टफोलियो (जिसमें पेट्रोल-डीजल यानी ICE और इलेक्ट्रिक दोनों गाड़ियां शामिल हैं) की कीमतों में 1.5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है। इसके अलावा, कमर्शियल गाड़ियों की रेंज भी 2.5 प्रतिशत तक महंगी हो गई है (कीमतें मॉडल और वेरिएंट के आधार पर तय होंगी)।
- ह्यूंदै इंडिया: कंपनी ने अपनी सभी गाड़ियों की रेंज में 12,800 रुपये तक की बढ़ोतरी का एलान किया है।
- मारुति सुजुकी इंडिया: मारुति ने अपने पूरे मॉडल पोर्टफोलियो की कीमतों में 30,000 रुपये तक का इजाफा किया है।
- महिंद्रा एंड महिंद्रा: कंपनी ने अपनी एसयूवी और कमर्शियल गाड़ियों की कीमतों में 2.5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है। जिसका औसत सभी मॉडल्स पर करीब 1.6 प्रतिशत बैठता है।




