
कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के तीन बैंक खातों पर लगी रोक को अस्थायी रूप से हटाकर उन्हें चलाने की अनुमति दी है। इस पर पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि वह इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल करेंगे। उन्होंने कहा, हम एसएलपी दाखिल करने जा रहे हैं। हमने वकीलों से सलाह ले ली है और अब सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं। जब यह मामला पहली बार कलकत्ता हाईकोर्ट में दायर किया गया था, तब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इसमें शामिल नहीं था। लेकिन अब जब हम सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल करेंगे, तो ईडी भी इस मामले की कार्यवाही में एक पक्ष बनेगा।उन्होंने आगे कहा, इस नए नटवरलाल को बधाई। असली नटवरलाल ने ताजमहल बेच दिया था। यहां एक कंपनी ने पार्टी के पैसों से संपत्ति खरीदी। पार्टी के खजाने से 160 करोड़ रुपये दिए गए। फिर पार्टी ने उसी कंपनी को किराया देना शुरू कर दिया। यह काले धन को सफेद करने का तरीका लगता है।
उन्होंने कहा, हमें ऐसी सूचना मिल रही है कि कोलकाता से पैसा केमन द्वीप भेजा गया है। इसलिए हम केंद्रीय एजेंसियों से इसमें दखल देने का आग्रह करेंगे। यह बहुत गंभीर मामला है।
उन्होंने आगे कहा, जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं के पास कानूनी मामलों की लड़ाई लड़ने के लिए पैसे नहीं हैं। लेकिन यह नया नटवरलाल विमान खरीदने के लिए 160 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। फिर उसी संस्था को किराया भी दे रहा है, जिसने खरीदारी की थी। उन्होंने आरोप लगाया, खरीदारी के लिए पैसा पार्टी के खाते से आया और किराये का भुगतान भी पार्टी के खाते से किया जा रहा है। यह साफ तौर पर धनशोधन का मामला है।
ईडी को पत्र लिखने की बात कही
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, मैं दिल्ली जाऊंगा। यह केवल इसी मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि दो-तीन अन्य मामले भी हैं। मैं ईडी को पत्र लिखूंगा और कहूंगा कि इस मामले की जांच की जानी चाहिए।
21 जुलाई की रैली पर क्या बोले?
उन्होंने 21 जुलाई की रैली को लेकर कहा, हमने कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा जताते हुए कोलकाता नगर निगम के अधिकारियों को पत्र लिखा है। हम गांधी प्रतिमा के पास कार्यक्रम करना चाहते हैं। लेकिन अभी तक हमें कोई जवाब नहीं मिला है। अगर हमें अनुमति मिलती है, तो हम अपनी योजना को अंतिम रूप देंगे और आपको इसकी जानकारी देंगे।
तीन पूर्व राज्यसभा सांसदों के भाजपा में जाने पर क्या कहा?
उन्होंने टीएमसी के पूर्व राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव, प्रकाश चिक बराइक और सुखेंदु शेखर रॉय के भाजपा में शामिल होने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, सुखेंदु दा के साथ मेरा लंबे समय से संबंध है। वह एक वरिष्ठ नेता हैं। कई बार उन्होंने मेरा मार्गदर्शन किया है।
उन्होंने कहा, सुष्मिता मेरी दोस्त हैं। हम दोनों 2014 में सांसद बने थे। प्रकाश मेरे छोटे भाई जैसे हैं। अगर वे कोई व्यक्तिगत फैसला लेते हैं, तो उसमें मेरा कोई दखल नहीं है। ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, राजनीतिक विचार अलग हो सकते हैं। लेकिन व्यक्तिगत संबंध बने रहते हैं। लोकतंत्र में उन्हें ऐसा करने का पूरा अधिकार है।
उन्होंने आगे कहा, मेरे तीनों नेताओं के साथ अच्छे संबंध हैं। हो सकता है कि वे ऐसी राजनीतिक सोच के साथ खड़े हों, जो मेरी सोच से अलग हो। लेकिन व्यक्तिगत संबंध निश्चित रूप से बने रहेंगे।