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मोतियों के बंगले में विराजेंगे जगन्नाथ 16 जुलाई को निकलेगी रथ यात्रा

भोपाल| श्री गौर राधा मदन गोपाल मंदिर समिति के द्वारा 16 जुलाई को शांति नगर कॉलोनी इब्राहिम गंज से भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी| उक्त जानकारी देते हुए समिति के प्रमुख प्रमोद नेमा एवं दीपिका माहेश्वरी ने बताया कि गुरुवार 15 जुलाई को भगवान जगन्नाथ एवं राधा कृष्ण को मोतियों का बंगला बनाकर विराजित कर संकीर्तन किया जाएगा |
समिति के राहुल सिंह और रणछोड़ दास व्यास ने बताया 16 जुलाई को दोपहर 12 बजे महा आरती के पश्चात भगवान जगन्नाथ को रथ पर विराजित कर यात्रा निकाली जाएगी जो शांति नगर कॉलोनी से इब्राहिम गंज बस स्टैंड घोड़ानक्कास मंगलवारा इतवारा चिंतामण चौराहा चौक बाजार लखेरापुरा बाल विहार भोपाल टॉकीज सिंधी कॉलोनी से वापस मंदिर में संपन्न होगी |यात्रा में ढोल ताशा ब्रास बैंड धर्म ध्वजा एवं संकीर्तन करते हुए महिला पुरुष तथा बड़ वाले महादेव मंदिर की डमरू मजीरा पार्टी शामिल होगी फूलों से सुसज्जित भगवान जगन्नाथ का रथ आकर्षण का केंद्र होगा |
जगन्नाथ रथ यात्रा का 42 वां वर्ष
कलीकाल में मानव जीवन के उद्धार के लिए श्रीमन चैतन्य महाप्रभु ने राधा कृष्ण के मिलित रूप में अवतार लेकर नाम संकीर्तन से भक्ति का मार्ग दिखलाया था इसी भक्ति के प्रचार-प्रसार हेतु गौड़ीय संप्रदाय के श्री श्री 1008 वासुदेव शरण विरही जी महाराज का वृंदावन से भोपाल पदार्पण हुआ और वह अपने शिष्य शांति नगर इब्राहिम गंज स्थित स्वर्गीय श्री द्वारका प्रसाद माहेश्वरी के निवास स्थान पर पधारे माहेश्वरी परिवार की भक्ति को देखते हुए उन्होंने वहां प्रभु नाम संकीर्तन प्रारंभ किया 8 जुलाई 1984 को महाराज जी की प्रेरणा एवं अपने पिता द्वारका प्रसाद जी के साथ स्वर्गीय श्री हरि विष्णु माहेश्वरी ने अपने ही निवास पर श्री राधा कृष्ण चैतन्य महाप्रभु की सुंदर प्रतिमा की स्थापना की साथ ही श्री 1008 चक्रधर प्रसाद शास्त्री के सानिध्य में नीम की लकड़ी से भगवान जगन्नाथ श्री बलदेव एवं सुभद्रा जी की मूर्ति का निर्माण कराया 1 टन लोहे का विशाल रथ भी यहीं पर बना वर्ष 1984 में ही पहली बार शांति नगर से भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा प्रारंभ हुई जो विभिन्न मार्गो से वापस मंदिर में संपन्न हुई| प्रतिवर्ष एक दिन पूर्व मोती फूल खस इत्यादि का बंगला बनाकर ठाकुर जी को विराजित किया जाता है तथा रथयात्रा के बाद भंडारे का आयोजन संपन्न होता है| प्रतिदिन सुबह-शाम महाप्रभु की आरती के साथ ही प्रति ग्यारस के दिन संकीर्तन दीपावली पर अन्नकूट महोत्सव श्री कृष्ण जन्माष्टमी राधा अष्टमी सहित अन्य सभी त्योहार यहां धूमधाम से मनाए जाते हैं| उल्लेखनीय है की महेश्वरी जी का कोई पुत्र नहीं था वर्ष 2018 में दादाजी एवं पिताजी दोनों के एक साथ एक महीने के अंतराल में ब्रह्मलीन होने के बाद उनकी बेटियां राधिका दीपिका विष्णु प्रिया एवं भक्ति माहेश्वरी इस परंपरा को पूरी तन्मयता से निभा रही है|

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