केंद्रीय जेल उज्जैन में सुर शंकरा ने बंदी भाईयों को सुनाये गीत

मध्य प्रदेश में गरिमामय एवं अनुशासित तरीके से संगीतमय कार्यक्रम करते रहने में प्रसिद्ध सुर शंकरा म्यूज़िकल ग्रुप ने 11 जुलाई को भोपाल से केंद्रीय जेल, उज्जैन में उपस्थित होकर बंदी भाई-बहनों एवं जेल प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति में एक से बढ़कर एक उत्साहवर्धन वाले गीत सुनाकर उन सभी के चेहरों पर खुशियों की बहार लाने में सफलता प्राप्त की l
सुर शंकरा म्यूज़िकल ग्रुप के कार्य. अध्यक्ष/मैनेजर इंजी. प्रतीक गर्ग एवं प्रेरणास्रोत सीए. निहारिका गर्ग ने सर्वप्रथम जेल अधीक्षक मनोज कुमार साहू, उप जेल अधीक्षक सुरेश गोयल, जेलर जसवंत सिंह डाबर, प्रवीण कुमार मालवीय, सौमित्रा सिन्हा, विधि सलाहकार एडव्होकेट दुर्गेश साहू, सुनीता मौर्य एवं पूनम सोलंकी का सुर शंकरा को अवसर प्रदान करने पर सुर शंकरा परिवार की ओर से उन दोनों के अलावा 03 अन्य अधिकारियों का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान कर आभार व्यक्त करते हुए बताया कि कार्यक्रम की सफल एंकरिंग हमेशा की तरह ग्रुप की संभागीय अध्यक्ष आयशा खान ने, लेपटॉप ऑपरेटिंग परि अलीज़ा खान ने, वीडियोग्राफी/फोटोग्राफी जावेद खान, नवेद सौदागर व दिलिप बोरसे तथा केंद्रीय जेल उज्जैन में स्थापित साउंड सिस्टम की ऑपरेटिंग दिनेश, मांगीलाल, राजेश व देवाजी द्वारा की गई जिसमें कार्यक्रम की शुरुआत संभागीय अध्यक्ष आयशा खान व वोईस ऑफ़ लता जी सिंगर शशिलता की आवाज़ में शिवनाथ तेरी महिमा से हुई, उसके बाद लगातार गीतों की होती रही बौछार में परि अलीज़ा खान ने सात समुन्दर पार मैं तेरे पीछे पीछे आ गई तथा रम्भा हो हो हो, अमिता बोरसे ने मेरा नाम है चमेली तू मालन अलबेली, शशिलता ने प्यार झूठा सही मिलने के बहाने आ जा तथा झुमका गिरा रे बरेली के बाज़ार में, आयशा खान ने ये मेरा दिल प्यार का दीवाना तथा जा रे जा ओ हरजाई, ग्रुप के अध्यक्ष सुरेश गर्ग व उप जेल अधीक्षक सुरेश गोयल ने अरे दीवानों मुझे पहचानों कहाँ से आया मैं हूँ डॉन सहित युगल गीतों की श्रंखला में शशिलता व सुरेश गर्ग ने कभी भूला कभी याद किया, अमिता बोरसे व दिलिप बोरसे ने तुम तो धोखेबाज हो, अलीज़ा खान व आयशा खान ने एक परदेसी मेरा दिल ले गया, कार्यक्रम का टाइटल गीत भीगी भीगी रातों में मीठी मीठी बातों में जब एंकर आयशा खान व ग्रुप के संस्थापक सुरेश गर्ग ने गाया तो उज्जैन जेल का खूबसूरत ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान हो गया l
इस खुशनुमा माहौल के बीच सम्पन्न कार्यक्रम में उप जेल अधीक्षक सुरेश गोयल ने 02 बेहतरीन गीत सुनाये जिसमें संदेसे आते हैं हमें तड़पाते हैं अध्यक्ष सुरेश गर्ग के साथ तथा यम्मा यम्मा यम्मा यम्मा ये खूबसूरत जहाँ सिंगर नवेद सौदागर के साथ एवं जेलर प्रवीण कुमार मालवीय ने आजकल याद कुछ ओर रहता नहीं गाकर धूम मचाई तथा ग्रुप के सभी आठ सिंगर्स को खूबसूरत स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया फिर आयशा खान व सुरेश गर्ग की जबरदस्त आवाज़ में आ मेरे हमजौली आ खेले आँख मिचौली आ गीत से कार्यक्रम का समापन हुआ एवं समस्त सिंगर्स को स्वादिष्ट भोजन खिलाकर भोपाल के लिये विदा किया l


