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भारी बारिश में भी लगभग 12 लाख लोग मौजूद थे; सरकार बोली- कोई भगदड़ नहीं हुई

ओडिशा के पुरी में गुरुवार को जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई है। शाम 5 बजे पहांडी रस्म के दौरान भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए अचानक लोग रथों के पास जाने लगे।

यात्रा रूट पर मौजूद वॉलेंटियर लोगों को पीछे हटा रहे थे। तभी भीड़ में धक्का-मुक्की होने लगी। इससे अफरा-तफरी मच गई। लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे।

रथयात्रा शुरू होने के समय पुरी में तेज बारिश हो रही थी। इसके बावजूद लगभग 12 लाख से ज्यादा लोग यात्रा रूट पर मौजूद थे। सांस लेने में तकलीफ के बाद कई लोगों को हॉस्पिटल पहुंचाया गया।

मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक रथ यात्रा का आयोजन शांतिपूर्ण, व्यवस्थित रहा। भगदड़ जैसी कोई अव्यवस्था नहीं हुई। हालांकि भीड़ के कारण एक व्यक्ति की मौत हुई, कारणों का पता लगाया जा रहा है।इधर, शाम करीब 7.30 बजे भगवान जगन्नाथ का रथ आगे बढ़ा, कुछ ही मीटर चलने के बाद पहले दिन की यात्रा रोक दी गई। रथयात्रा कल सुबह 9.30 बजे दोबारा शुरू होगी और गुंडीचा मंदिर तक जाएगी।

पहले भी 2 बार भगदड़ हुई; 2025 में 3 मौत हुई थीं

  • 18 जुलाई 2015: नवकलेवर वर्ष होने के कारण जगन्नाथ रथ यात्रा में लाखों श्रद्धालु पहुंचे थे। भगवान बलभद्र का रथ खींचे जाने के दौरान ग्रैंड रोड के मारिचिकोट चौक के पास अचानक भीड़ बढ़ गई। लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। दम घुटने से 2 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हुए।
  • 29 जून 2025: जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान गुंडिचा मंदिर के बाहर सरधाबली इलाके में तड़के हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए जुटे थे। इसी दौरान भीड़ एक साथ आगे बढ़ने लगी। लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े, जिससे भगदड़ मच गई। हादसे में 3 श्रद्धालुओं की मौत हुई, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हुए। घटना के बाद राज्य सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए और लापरवाही के आरोप में कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की।

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