पूज्य भन्ते प्रियबोधि का वर्षावास प्रारंभ कार्यक्रम श्रद्धा एवं भक्ति के साथ आयोजित
वर्षा वास मानव जीवन को सार्थक बनाने के लिए महत्वपूर्ण - धम्मरतन सोम कुंअर

दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया के तत्वावधान मे तुलसी नगर स्थित करुणा बुद्ध विहार, भोपाल मे आज प्रात: 20.30 बजे बौद्ध परंपरा के पावन वर्षावास के शुभारंभ अवसर पर पूज्य भन्ते प्रियबोधि जी का वर्षावास कार्यक्रम शुरू हुआ।
इस अवसर पर विशेष रुप से पधारे श्रीलंका महाबोधि सोसायटी, सांची सेंटर के पूज्य भन्ते रतन थेरो जी ने उपासक- उपासिकाओ को बुद्ध वंदना एवं पंचशील ग्रहण कराया। कार्यक्रम में पूज्य भन्ते नागसेन तथा भिक्षुणी संघमित्रा की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। भारतीय बौध्द महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजि.धम्मरतन सोमकुंवर ने बताया कि वर्षावास का मानव जीवन में बड़ा महत्व है। यह तथागत बुद्ध द्वारा धम्म की स्थापना और उनसे जुड़ी हुई घटनाओं का सारांश है। आषाढ़ पूर्णिमा धम्म की स्थापना का दिवस है। बौद्ध धर्म में बारिश के दौरान धर्मगुरुओं के एक स्थान पर रुककर धर्म के प्रचार-प्रसार और धार्मिक व्याख्यान की व्यवस्था की गई है। वर्षा वास का महत्व मानव जीवन को सार्थक बनाना है।




