बालाघाट में मुख्यमंत्री: 24 बच्चों की मौत के बाद बैगा परिवारों के बीच पहुंचे सीएम यादव, परिवारों का जाना हाल

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड के सुदूर ग्राम कोरका-बोंदारी पहुंचे। यहां उन्होंने अत्यंत पिछड़े बैगा जनजातीय समुदाय के लोगों के बीच पहुंचकर उनसे सीधा संवाद किया और क्षेत्र में फैली बीमारी से प्रभावित परिवारों की स्थिति जानी।बालाघाट के आदिवासी बहुल क्षेत्र में दूषित पानी और अन्य बीमारियों के कारण करीब 24 बच्चों की मौत के बाद सरकार विपक्ष के निशाने पर रही। विपक्ष ने बच्चों की मौत को लेकर सरकार पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की, वहीं संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई। इस दौरान बालाघाट के टीकाकरण अधिकारी डॉ. परेश उपलप और मलेरिया अधिकारी मनीष जुनेजा को पद से हटा दिया गया था।रक्षाबंधन के दूसरे दिन पहुंचे मुख्यमंत्री
क्षेत्र में बच्चों की मौत के बाद सरकार के मंत्री और उपमुख्यमंत्री भी प्रभावित इलाकों का दौरा कर चुके हैं। रक्षाबंधन के दूसरे दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी कोरका-बोंदारी पहुंचे। उन्होंने किसी औपचारिक मंच के बजाय ग्रामीणों के बीच सादगी से बैठकर उनसे मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।मुख्यमंत्री के दौरे का मुख्य उद्देश्य बीमारी से प्रभावित बैगा परिवारों की स्थिति का जायजा लेना था। डॉ. यादव ने पीड़ित परिवारों से बच्चों के स्वास्थ्य और क्षेत्र में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए कि प्रभावित गांवों में इलाज और स्वास्थ्य सुविधाओं में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और उनसे मिल रहे लाभ के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके स्वास्थ्य और क्षेत्र के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैइस दौरान प्रदेश के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके और क्षेत्रीय सांसद भारती पारधी भी मौजूद रहीं। इनके अलावा विधायक संजय उइके, गौरव सिंह पारधी, राजकुमार कर्राहे और मधु भगत सहित मध्य प्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य भगत सिंह नेताम तथा पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य मौसम बिसेन भी उपस्थित रहीं। पूर्व मंत्री रामकिशोर कांवरे और गौरीशंकर बिसेन ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर चुके हैं।




