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एम्स भोपाल में सागर पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने जाना मानव शरीर और स्वास्थ्य विज्ञान मुख्य बिंदु

एम्स भोपाल में सागर पब्लिक स्कूल (साकेत नगर शाखा, भोपाल) के कक्षा 11वीं और 12वीं के 31 विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया।
• विद्यार्थियों ने शरीर की कार्यप्रणाली और रोग प्रतिरोधक क्षमता के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा श्वेत रक्त कोशिकाओं, फेफड़ों की कार्यक्षमता, मांसपेशियों और हाथ की पकड़ की शक्ति से जुड़े व्यावहारिक प्रदर्शन देखे।
• शरीर रचना विभाग में विद्यार्थियों ने ऊतक विज्ञान, त्रिआयामी संगणकीय, आनुवंशिकी और मानवमितीय प्रयोगशालाओं के साथ शरीर रचना संग्रहालय का भ्रमण किया।
• विद्यार्थियों ने शरीर की सूक्ष्म से स्थूल संरचना को समझने के साथ शरीर द्रव्यमान सूचकांक और मानवमितीय जांच का अनुभव लिया।
• भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा बढ़ाना, स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में करियर के लिए प्रेरित करना रहा।
एम्स भोपाल में सागर पब्लिक स्कूल (साकेत नगर शाखा, भोपाल) के कक्षा 11वीं और 12वीं के 31 विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस भ्रमण में विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा, मानव शरीर की संरचना और शरीर की कार्यप्रणाली से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने शरीर क्रिया विज्ञान विभाग और शरीर रचना विभाग का दौरा किया। शरीर क्रिया विज्ञान विभाग में विद्यार्थियों के लिए मानव शरीर की कार्यप्रणाली और रोग प्रतिरोधक क्षमता पर संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया। इसके बाद उन्होंने सूक्ष्मदर्शी के माध्यम से श्वेत रक्त कोशिकाओं का अवलोकन किया। विद्यार्थियों को श्वसन क्षमता की जांच, कंकालीय मांसपेशियों के संकुचन और हाथ की पकड़ की शक्ति मापने से संबंधित व्यावहारिक प्रदर्शन भी दिखाए गए।
इस दौरान विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचाव के महत्व के बारे में भी बताया गया। उन्हें समझाया गया कि नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित आहार और स्वस्थ आदतें लंबे समय तक अच्छे स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।
इसके बाद विद्यार्थियों ने शरीर रचना विभाग का भ्रमण किया। यहां उन्होंने ऊतक विज्ञान, त्रिआयामी संगणकीय, आनुवंशिकी और मानवमितीय प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने शरीर रचना संग्रहालय में रखे विभिन्न शारीरिक नमूनों और हड्डियों को भी देखा। इस अनुभव के माध्यम से उन्होंने मानव शरीर की संरचना को सूक्ष्म स्तर से लेकर पूरे शरीर के स्तर तक समझने का अवसर प्राप्त किया।
विद्यार्थियों को शरीर द्रव्यमान सूचकांक और मानवमितीय जांच की प्रक्रिया का भी अनुभव कराया गया। इससे उन्हें यह समझने में मदद मिली कि शरीर की संरचना और विभिन्न शारीरिक मापों का स्वास्थ्य के आकलन में किस प्रकार उपयोग किया जाता है।
इस शैक्षणिक भ्रमण ने विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा और प्रयोगशाला गतिविधियों का प्रत्यक्ष एवं व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया। इससे उनमें वैज्ञानिक सोच और जिज्ञासा को बढ़ावा मिला तथा उन्हें चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में भविष्य के करियर की संभावनाओं को समझने और इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा मिली।
इस कार्यक्रम के समन्वयक शरीर रचना विभाग के प्रो. (डॉ.) प्रशांत चावरे और शरीर क्रिया विज्ञान विभाग की अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. रेखा जिवाने रहीं।

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