धरणीधर भगवान के जन्मोत्सव पर नागर धाकड़ समाज ने लिया संगठित होने,अन्न बचाने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

भोपाल। नागर धाकड़ समाज के आराध्य देव भगवान धरणीधर श्री बलराम जी के जन्मोत्सव के अवसर पर नागर धाकड़ सामुदायिक छात्रावास भवन शिवाजी नगर 6 स्टॉप पर श्रद्धा, संस्कार और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए वरिष्ठ पदाधिकारियों, गणमान्य नागरिकों एवं समाजजनों की उपस्थिति में भगवान धरणीधर की वैदिक रीति से पूजा-अर्चना एवं आराधना की गई।
आयोजन समिति एवं नागर धाकड़ सांस्कृतिक समिति भोपाल के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में भगवान धरणीधर के स्मरण के साथ समाजजनों ने अन्न की बर्बादी रोकने, किसान एवं श्रम का सम्मान करने तथा पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम में उपस्थित समाजजनों ने भगवान धरणीधर को साक्षी मानकर संकल्प लिया कि वे थाली में भोजन नहीं छोड़ेंगे और आवश्यकता के अनुसार ही भोजन लेंगे। अन्न को देवतुल्य मानते हुए उसकी बर्बादी रोकने तथा समाज में अन्न के सम्मान का संदेश देने का आह्वान किया गया।
सामूहिक संकल्प में कहा गया कि “हम अन्न की बर्बादी नहीं करेंगे, किसान और श्रम का सम्मान करेंगे, जल एवं प्रकृति का संरक्षण करेंगे। अधिक से अधिक वृक्ष लगाएंगे और उनकी रक्षा करेंगे। नशे एवं बुराइयों से दूर रहेंगे तथा अपने परिवार और समाज में संस्कार, सद्भाव और सेवा की भावना बढ़ाएंगे।”
समाजजनों ने कहा कि भगवान बलराम का जीवन कृषि, श्रम और धरती से गहराई से जुड़ा हुआ है। उनके हाथ में सुशोभित हल हमें श्रम, कृषि और धरती के प्रति कृतज्ञता का संदेश देता है। इसलिए भगवान धरणीधर का जन्मोत्सव केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखकर अन्न संरक्षण, किसान सम्मान, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण जैसे सामाजिक संकल्पों से जोड़ना वर्तमान समय की आवश्यकता है।
इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजनों ने “समाज शक्ति और समाज संगठन” को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संगठित समाज ही अपने सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक विकास के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से प्राप्त कर सकता है। साथ ही निर्माणाधीन नवीन सामुदायिक भवन के निर्माण में समाज के सभी वर्गों से सामाजिक सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की गई तथा समाजजनों से भवन निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम के अंत में भगवान धरणीधर से प्रार्थना की गई कि वे समाज को शक्ति, सद्बुद्धि, एकता और सेवा की भावना प्रदान करें, ताकि प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्मों के माध्यम से धरती, समाज और राष्ट्र की सेवा कर सके। उपस्थित समाजजनों ने जन्मोत्सव पर लिए गए संकल्पों को अपने-अपने परिवारों तक पहुंचाने तथा समाज में जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया।



