हनुमान चालीसा का पाठ करने से बची हमारी जान…. नेपाल की तबाही में बचे हरे मकान की मालकिन का दावा

जब नेपाल में प्रकृति अपना रौद्र रूप दिखा रही थी तब एक घर डटकर इस मुसीबत का सामना कर रहा था। आस- पास सब कुछ तहस- नहस होने के बावजूद यह घर सुरक्षित खड़ा रहा, इसमें रहने वाले लोग भले ही बाढ़ का शिकार नहीं हुए लेकिन उन्होंने मौत को बेहद करीब से देखा है। इस चमत्कारी घर के सदस्यों का कहना है कि आस्था की वजह से ही उनका परिवार 26 अगस्त को त्रिशूली नदी में आई भयानक बाढ़ से बच पाया।
बरखा दत्त के साथ बातचीत में घर की मालकिन लक्ष्मी पांडे ने बताया कि वे रोज हनुमान चालीसा का पाठ करते थे और बाढ़ का पानी घर के चारों ओर घिरने के बावजूद “ओम नमः शिवाय” का जाप करते रहे। मालिक का कहना है कि उन्हें विश्वास है कि इस आपदा के दौरान भगवान ने उनके परिवार की रक्षा की और उन्हें बचाया, जिससे उनका बचना इस भयानक बाढ़ के बीच विश्वास और उम्मीद की एक भावुक कहानी बन गया।

जब बाढ़ का पानी तेज़ी से अंदर आया, तो लक्ष्मी, उनके पति, बेटी, सास और परिवार के दो अन्य सदस्य अपने 40 साल पुराने घर में ही फंस गए थे। उस डरावने अनुभव के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा- “मैं भगवान शिव से प्रार्थना करती हूं और रोज़ हनुमान चालीसा का पाठ करती हूं। उस दिन भी मैंने हनुमान चालीसा का पाठ किया था। मुझे लगता है कि भगवान ने ही हमारे घर की रक्षा की।”

लक्ष्मी पांडेय के पति प्रकाश पारकोरल ने कहा कि जब वे घर में फंसे हुए थे, तो ऐसा लगा कि ये आखिरी समय है। हमें लगा कि अब नहीं बचेंगे। पूरा परिवार इकठ्ठा जमा हो गया था। इस दौरान परिवार ने आपदा का दंश भी बताया और कहा कि भले ही हमारा घर वायरल हो गया लेकिन हमारी जिंदगी की तबाही कोई नहीं देख रहा है। प्रकाश ने बताया कि उनके घर और दुकान सब खत्म हो गया है। अब उनके सामने जिंदगी को फिर से शुरू करने की मुश्किल है।




