रील के चक्कर में वंदे भारत-तेजस पर पत्थरबाजी: बिहार के ये 12 शहर सबसे आगे; गिरफ्तार युवकों ने बताया ये कारण

इन दिनों ट्रेनों पर पत्थरबाजी कर रील बनाने का खतरनाक ट्रेंड बढ़ रहा है। वंदे भारत, तेजस और जन शताब्दी जैसी आधुनिक ट्रेनों को निशाना बनाया जा रहा है। इससे यात्रियों की सुरक्षा के साथ रेलवे के लिए भी खतरा बढ़ गया है। इस बीच बिहार में रेलवे और पुलिस ने ऐसे 12 जिलों में हॉटस्पॉट चिन्हित किए हैं, जहां रील बनाने के लिए ट्रेनों पर पत्थर फेंके जा रहे हैं। इनमें राजधानी पटना समेत भोजपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, बेतिया, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, नालंदा, सारण, गया, वैशाली और नवादा शामिल हैं। ट्रेनों में पत्थरबाजी के मामले शनिवार और रविवार यानी छुट्टी के दिनों में ज्यादा सामने आए हैं। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे रील और वीडियो बनाने के लिए ट्रेनों पर पत्थर फेंकते थे। ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाएं अप्रैल में सबसे ज्यादा हुईं।रेलवे का कहना है, ट्रेनों पर पत्थर फेंकने वालों के खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और यात्रियों की जान माल खतरे में डालने के आरोप में कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में तीन से सात साल तक की सजा का प्रावधान है। सोशल मीडिया के लिए कंटेंट बनाने के नाम पर यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ की इजाजत नहीं दी जा सकती।
हाल के वर्षों में कई राज्यों में ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की घटनाएं सामने आई हैं। इनमें बिहार से भी आए दिन ऐसे मामले सामने आते रहे हैं। इसी को देखते हुए बिहार पुलिस ने ऐसे उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान के दौरान पत्थरबाजी वाले स्थानों को चिन्हित किया जा रहा है। आरपीएफ और जीआरपी वहां जागरूकता अभियान भी चला रही हैं। आम लोगों और नाबालिगों को इस अपराध और इसमें होने वाली सजा की जानकारी दी जा रही है। बिहार पुलिस का कहना है, पिछले पांच दिनों में इस मामले में 134 पत्थर फेंकने वालों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 34 नाबालिग हैं। ट्रेन पर ईट पत्थर फेंकने वाले सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।




