नीलेश शुक्ला की सीधी जिले में लेखपाल पद पर पुनर्नियुक्ति की जांच कराई जाए

इन दिनों एम पी स्टेट सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन सीधी में आउट सोर्स लेखपाल नीलेश शुक्ला की पुनर्नियुक्ति संदेह के घेरे में है अर्द्ध शासकीय अधिकारी कर्मचारी सार्वजनिक उपक्रम संघ के प्रांताध्यक्ष अरुण वर्मा एवं सेमी गवर्मेन्ट एम्प्लाइज फेडरेशन के संयोजक अनिल बाजपेई ने बताया नीलेश शुक्ला आउट सोर्स कर्मचारी लेखपाल को वर्ष 2022 में भुगतान के लेन देन में सम्बंधित से पैसा मागने की शिकायत पर मुख्यालय द्वारा सेवा से पृथक कर आदेशित किया गया था और निर्देशित किया गया था कि नीलेश शुक्ला को आपूर्ति निगम में कहीं भी पुनर्नियुक्ति नहीं दी जाए लेकिन कुछ समय पश्चात नीलेश शुक्ला को सीधी जिला कार्यालय में लेखपाल के पद पर पुनर्नियुक्ति दे दी जाए जो कि संदेह के घेरे में है जिसकी जांच करना अत्यावश्यक है कि मुख्यालय के आदेश के बाद पुनर्नियुक्ति कैसे दे दी गई अभी हाल ही में सीधी जिले में 14 करोड़ की फर्जी एफ डी आर कांड एवं 27.68 करोड़ की धान राइस मिल द्वारा जमा नहीं किया गया है जिसमें एम एल बढ़ेरा प्रभारी जिला प्रबंधक एवं लेखपाल सहित पूरा कार्यालय का स्टाफ संदेह के घेरे में है ऐसी स्थित में नीलेश शुक्ला को भुगतान के लेनदेन में नौकरी से हटाकर आपूर्ति निगम में कहीं भी पुनर्नियुक्ति नहीं देने के आदेश के बाद भी श्री नीलेश शुक्ला को लेखपाल के पद पर पुनर्नियुक्ति कैसे दे दी गई जो जांच का विषय है जिसकी जांच करना अत्यावश्यक है
अत : उपक्रम संघ के प्रांताध्यक्ष अरुण वर्मा एवं एम्प्लाइज फेडरेशन के संयोजक अनिल बाजपेई ने आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक महोदय से अनुरोध किया है कि नीलेश शुक्ला लेखपाल के पद पर पुनर्नियुक्ति की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि भ्रष्ट्राचार पर अंकुश लगाया जा सके




