भद्रा सूर्योदय से पहले समाप्त, करवा चौथ पर कोई बाधा नहीं : राजा भोज ज्योतिष पीठ

भोपाल। विश्व ज्योतिष कांग्रेस के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राजा भोज ज्योतिष पीठ के अध्यक्ष डॉ. विनीत तिवारी ने करवा चौथ को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रांतियों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि 29 अक्टूबर 2026 को मनाए जाने वाले करवा चौथ पर भद्रा का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
डॉ. तिवारी ने बताया कि भारतीय मानक समय के अनुसार भद्रा काल 28 अक्टूबर 2026 को दोपहर लगभग 2:36 से 2:38 बजे आरंभ होकर 29 अक्टूबर 2026 को तड़के लगभग 1:06 से 1:07 बजे समाप्त हो जाएगा। इस प्रकार 29 अक्टूबर को सूर्योदय से काफी पहले भद्रा पूर्णतः समाप्त हो चुकी होगी।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष करवा चौथ गुरुवार को पड़ रहा है, जो बृहस्पति का दिन होने के कारण अत्यंत शुभ एवं मंगलकारी संयोग है। गुरुवार को सौभाग्य, विद्या और मांगलिक कार्यों के लिए विशेष रूप से अनुकूल माना जाता है।
चंद्रोदय के संबंध में डॉ. तिवारी ने बताया कि भारतीय मानक समय के अनुसार नई दिल्ली में चंद्रोदय लगभग रात 8:17 बजे तथा भोपाल में लगभग रात 8:31 बजे होने का अनुमान है। अपने शहर के स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में थोड़ा परिवर्तन हो सकता है। बादलों, धुंध या ऊँची इमारतों के कारण चंद्रमा दिखाई देने में कुछ मिनट की देरी हो सकती है। इसलिए चंद्रमा को स्पष्ट रूप से देखने के बाद ही व्रत खोलना चाहिए। व्रत सूर्योदय से चंद्रोदय तक रखा जाता है और चंद्रमा को अर्घ्य देने के पश्चात ही पारण किया जाता है।
डॉ. तिवारी ने सुहागिन महिलाओं से अपील की कि वे निश्चिंत रहें और पूर्ण श्रृंगार के साथ सुहाग की सभी वस्तुएँ प्रसन्नतापूर्वक धारण करें। सरगी ग्रहण कर निर्जला व्रत रखें तथा शाम को विधि-विधान से पूजा संपन्न कर चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करें।
उन्होंने कहा कि ज्योतिष शास्त्र मार्गदर्शन देने के लिए है, डराने के लिए नहीं। प्रामाणिक पंचांग का अनुसरण करते हुए अफवाहों से दूर रहना चाहिए। करवा चौथ सौभाग्य, दीर्घायु और दांपत्य सुख का पर्व है। इसे भक्ति, प्रेम और प्रसन्नता के साथ मनाया जाए।
डॉ. विनीत तिवारी
अध्यक्ष, राजा भोज ज्योतिष पीठ


