
नई दिल्ली में मंगलवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने उज्बेकिस्तान में भारतीय छात्रों की शिक्षा और पश्चिम एशिया के हालात समेत कई अहम विषयों पर जानकारी की। जायसवाल ने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर हम लगातार नजर बनाए हुए हैं और क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर करीब से ध्यान दे रहे हैं।विदेश मंत्रालय ने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान भारत के 23 नागरिकों की मौत हुई है। इनमें 15 भारतीय नाविक थे। वहीं, काला सागर क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों में पांच भारतीय नागरिकों की मौत हुई है। दो भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं।
ओमान के तट के पास एक व्यावसायिक जहाज पर हमला हुआ था। इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, उस जहाज पर भारतीय चालक दल के14 सदस्य थे। दुर्भाग्य से उनमें से एक की मौत हो गई है। अब हम वहां मौजूद 13 भारतीय नागरिकों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया सुनिश्चित कर रहे हैं। हम इस पर भी काम कर रहे हैं कि भारतीय नागरिक के पार्थिव शरीर को भारत वापस कैसे लाया जा सके।प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आगे कहा, मुझे कहना चाहिए कि हम ओमान के अधिकारियों को उनकी तत्काल कार्रवाई के लिए धन्यवाद देते हैं। हम एक बार फिर सभी पक्षों से अपील करते हैं कि वे बातचीत और कूटनीति को आगे बढ़ाएं, ताकि इस क्षेत्र में जल्द शांति लौट सके। अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र और समुद्री मार्गों से जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता बहाल होनी चाहिए और इसकी गारंटी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम अब भी सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर चलने की अपील करते हैं, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता वापस आ सके। जैसा कि आप जानते हैं, इस संघर्ष की वजह से बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है और लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, सिर्फ उस क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में। इसका असर वैश्विक स्तर पर खाद्य पदार्थों, ईंधन, उर्वरक और वित्तीय गतिविधियों पर भी पड़ा है। हम सभी पक्षों से लड़ाई-झगड़ा बंद करने और शत्रुता समाप्त करने की अपील करते हैं ताकि हालात सामान्य हो सकें।
रूस में मौजूद भारतीय नागरिकों की वापसी पर क्या कहा?
जायसवाल ने कहा, विदेश मंत्री ने जी-20 बैठक से इतर कई द्विपक्षीय बैठकें कीं। इनमें से एक बैठक रूस के विदेश मंत्री के साथ हुई। इस बैठक में उन्होंने यूरोप, मध्य पूर्व और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों पर चर्चा की। जहां तक उन भारतीय नागरिकों की रिहाई का सवाल है, जो अभी भी रूसी पक्ष के पास हैं, जैसा कि मैंने आपको पहले बताया था, यह ऐसा मुद्दा है जिसे हम अलग-अलग स्तरों पर रूसी पक्ष के सामने लगातार उठा रहे हैं।




