खबरमध्य प्रदेश

23 हजार पंचायतों में नहीं मिला वेतन,जून महीने का वेतन अटका तो कई को मई के वेतन का इन्तजार 

भोपाल, 8 जुलाई। इस समय प्रदेश में 23 हजार पंचायत सचिव और उनके परिवार संकट में आ गए हैं। कारण है कि इन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। सभी पंचायतों में जहां जून महीने की सैलरी नहीं डाली गई है। वहीं करीब 10 हजार पंचायत ऐसी हैं। जहां अभी मई के वेतन की भी दरकार है। अब इस संदर्भ में पंचायत सचिव मुख्यमंत्री से गुहार लगाने की तैयारी कर रहे हैं। कारण है कि अनेक पंचायत सचिवों ने बैंकों से लोन लिया है। अब खातों में राशि नहीं होने के कारण इनके चेक बाउंस हो रहे हैं। चेतावनी भी दी गई कि अगर समय पर भुगतान नहीं हुआ तो मजबूरी में सड़कों पर भी उतार सकते हैं।

– – पंचायत सचिवों के समक्ष खड़े हैं अनेक संकट- बालमुकुंद पाटीदार

– भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध पंचायत सचिव महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष बालमुकुंद पाटीदार का कहना है कि इस समय हमारे साथियों पर अनेक प्रकार के संकट खड़े हो गई हैं। कारण है कि जून महीने का वेतन अभी तक नहीं मिला है। जबकि 2 जुलाई तक ही वेतन आ जाना चाहिए। अनेक ऐसी पंचायत हैं जहां पर अभी मई महीने का वेतन भी नहीं मिल पाया है। जबकि इस संदर्भ में निरंतर विभाग को भी अवगत कराया जा रहा है। उसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बालमुकुंद पाटीदार कहते हैं कि वह पंचायत सचिव सबसे अधिक दिक्कतों में है जिन्होंने मकान या गाड़ियों के लिए लोन लिया है। समय पर खातों में राशि नहीं पहुंचने के कारण उनके चेक बाउंस हो रहे हैं। जिससे इन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ रहा है।

– बच्चों की पढ़ाई पर भी बन गया है संकट- भारत सिंह गुर्जर

– – संगठन के ग्वालियर जिलाध्यक्ष भारत सिंह गुर्जर का कहना है कि समय पर वेतन नहीं मिलने के कारण बच्चों की पढ़ाई पर भी संकट बढ़ गया है। उन्होंने कहा है कि कई ग्राम पंचायतों में स्कूल संचालक बच्चों पर फीस भरने का दबाव बना रहे हैं। अभी तक वेतन नहीं होने के कारण पंचायत सचिव फीस की अदायगी नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए उनके बच्चों को स्कूल से निकलने की भी धमकी दी जा रही है। पंचायत सचिव की आजीविका वेतन पर ही निर्भर है। फिर भी समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है। पंचायत सचिव बाजार से उधार सामग्री लेकर परिवार का गुजारा कर रहे हैं।

-अनेक कर्ज चढ़े हैं पंचायत सचिवों के ऊपर- अरविंद सिंह ठाकुर

– संगठन के नर्मदापुरम अध्यक्ष अरविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि अनेक ऐसे पंचायत सचिव हैं जिन्होंने हाल के दिनों में अपने बच्चों की शादियां की है। इनमें कई पर शादी विवाहों का कर्ज भी चढ़ा हुआ है। अब वेतन नहीं मिलने के कारण साहूकार भी परेशान कर रहे हैं। अनेक पंचायत सचिव ऐसे भी हैं। जिन्होंने परिवार की रोजी-रोटी चलाने के लिए महंगे ब्याज पर कर्ज लिया है। मजबूरी में अब इन्हें ब्याज का पैसा भी भरना पड़ रहा है। जबकि जिलों में कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। जहां यही जवाब दिया जा रहा है कि बजट की कमी है। जैसे ही बजट का आवंटन होगा तब तत्काल वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा।

– सरकार के हर आदेश का निष्ठा से कर रहे पालन- लाल सिंह शक्तावत

संगठन के मंदसौर जिला अध्यक्ष लाल सिंह शक्तावत का कहना है कि पंचायत सचिव पूरी निष्ठा से काम कर रहे हैं। उसके बाद भी इन्हें समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है। कलेक्टर कार्यालय से लेकर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निरंतर समस्या बता रहे हैं। उसके बाद भी मई और जून का वेतन नहीं दिया गया है। कई पंचायतों में वह सचिव परेशान है। जिन्होंने लोन लिया है या फिर साहूकारों से ब्याज पर परिवार की आजीविका चलाने के लिए कर्ज लिया है। लाल सिंह का कहना है कि पंचायत सचिवों के वेतन में विलंब नहीं होना चाहिए। क्योंकि वेतन ही उनके परिवार के गुजारा करने का एकमात्र आधार है।

– बीमार पंचायत सचिवों की भी बढ़ी मुसीबत- अनिल सिंह चौहान-

संगठन के मंदसौर जिला अध्यक्ष अनिल सिंह चौहान का कहना है कि अनेक पंचायत सचिव बीमार हैं। अब समय पर वेतन नहीं मिलने के कारण वह अपना इलाज नहीं करवा पा रहे हैं। जबकि यह समस्या अधिकारियों को भी बताई गई है। लेकिन सिर्फ एक ही जवाब मिल रहा है कि बजट का आवंटन नहीं हुआ है। जैसे ही बजट आएगा तो वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया है कि जब सभी विभागों में समय पर कर्मचारियों का वेतन भुगतान हो रहा है तो आखिर पंचायत सचिवों को क्यों परेशान किया जा रहा है। सरकार को इस दिशा में ध्यान देना चाहिए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button