नगर निगम में क्रेडाई प्रतिनिधिमंडल की हुई अहम बैठक, ईज ऑफ़ डूइंग बिज़नेस बढ़ाने पर जोर
रियल एस्टेट और शहरी विकास से जुड़े मुद्दों पर बनी सहमति


भोपाल। बुधवार को भोपाल नगर निगम की आयुक्त संस्कृति जैन से मनोज मीक के नेतृत्व में क्रेडाई भोपाल का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल उनके कार्यालय में मिला।
यह बैठक 13 नवम्बर को नगरीय प्रशासन संचालनालय में हुई सीएस मॉनिटरिंग मीटिंग में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम के सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में हुई प्रमुख चर्चा
1. निगम-स्तर पर त्वरित समाधान की दिशा में कार्यवाही
क्रेडाई द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में शामिल विषय –
• भवन अनुमति प्रक्रियाएँ,
• त्रिपक्षीय अनुबंध,
• संपत्ति कर,
• मरम्मत शुल्क,
• लेबर सेस,
• अवैध कॉलोनियों पर नियंत्रण
आदि पर विस्तृत चर्चा हुई।
आयुक्त ने इन बिंदुओं को निगम-स्तर पर शीघ्र निराकरण हेतु नोट कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
2. शासन व संचालनालय-स्तर के मुद्दों पर संयुक्त पहल
ऐसे बिंदु जिनका समाधान शासन या संचालनालय स्तर पर संभव है, उन पर आयुक्त ने क्रेडाई के साथ संयुक्त रूप से आगे बढ़ने की सहमति व्यक्त की।
3. भवन अनुमति और कॉलोनी अनुमोदन को पूर्णतः ऑनलाइन करने की पहल
आयुक्त ने कहा कि नगर निगम भवन अनुमति, कॉलोनी अनुमोदन, कंप्लीशन, संपत्ति कर सहित सभी प्रक्रियाओं को पूरी तरह ऑनलाइन करने की दिशा में काम कर रहा है, जिससे –
• पारदर्शिता बढ़ेगी,
• समय-सीमा सुनिश्चित होगी,
• और राजधानी में ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस को मजबूती मिलेगी।क्रेडाई अध्यक्ष ने इस पूरी प्रक्रिया में तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग का आश्वासन दिया।
4. अवैध कॉलोनियों पर नियंत्रण हेतु क्रेडाई सुझावों पर सहमति
अवैध कॉलोनियों की पहचान, रोकथाम व नागरिक जागरूकता के लिए क्रेडाई द्वारा दिए गए सुझावों को आयुक्त ने व्यवहारिक और आवश्यक बताते हुए इनके क्रियान्वयन में सहयोग का भरोसा दिलाया।
बैठक का निष्कर्ष – सकारात्मक और समाधान-उन्मुख
बैठक अत्यंत सकारात्मक और समाधान-उन्मुख रही। आयुक्त संस्कृति जैन ने कहा कि रियल एस्टेट क्षेत्र राजधानी के विकास का महत्वपूर्ण साझेदार है और निगम–क्रेडाई के संयुक्त प्रयासों से शहरी सेवाओं तथा विकास कार्यों में गति आएगी।
क्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष मनोज सिंह मीक ने कहा कि संगठन सरकार की ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस पहल को सफल बनाने के लिए निरंतर नीति एवं तकनीकी सहयोग देता रहेगा।



