



अमेरिका में दिसंबर महीने के खुदरा बिक्री के आंकड़े अनुमान से कमजोर रहे हैं, जो वहां उपभोक्ताओं के खर्च में कमी और आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी होने का संकेत देते हैं। इन कमजोर आंकड़ों के बाद बाजार अब यह मानकर चल रहा है कि फेडरल रिजर्व इस साल ब्याज दरों में तीन बार कटौती कर सकता है, जबकि एक हफ्ते पहले तक केवल दो कटौती की संभावना जताई जा रही थी। ब्याज दरें कम होने का माहौल सोने और चांदी जैसी धातुओं के लिए फायदेमंद होता है, जिन पर कोई ब्याज नहीं मिलता।
वैश्विक बाजार में बड़ा उतार-चढ़ाव
वैश्विक बाजारों में भी कीमती धातुओं में भारी उछाल देखा गया। स्पॉट सिल्वर लगभग 6 प्रतिशत या 4.71 डॉलर चढ़कर 85.51 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वहीं, सोना 1.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5,078.72 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। मिराए एसेट शेयरखान के हेड ऑफ कमोडिटीज, प्रवीण सिंह के अनुसार, अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी ने भी सोने की कीमतों को सपोर्ट किया है। निवेशक अब अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल डेटा का इंतजार कर रहे हैं, जिसके आने के बाद बाजार में उतार-चढ़ाव और बढ़ने की आशंका है।
भू-राजनीतिक तनाव ने बढ़ाई सुरक्षित निवेश की मांग
आर्थिक कारणों के अलावा, दुनिया में बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर मोड़ा है। खबरों के मुताबिक, वाशिंगटन ईरानी क्रूड ले जाने वाले टैंकरों को रोकने पर विचार कर रहा है और अगर परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत विफल होती है, तो अतिरिक्त नौसैनिक बेड़े तैनात किए जा सकते हैं। इस तनावपूर्ण माहौल के कारण भी सोने और चांदी की मांग में तेजी देखी है।