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रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय द्वारा “शोध शिखर 2026” का आयोजन 6 एवं 7 फरवरी को

शोध एवं नवाचार के लिए शोधार्थियों को मिलेंगे 5 लाख तक के पुरस्कार

रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय द्वारा शोध एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “शोध शिखर 2026” की पहल की गई है जिसका आयोजन 6 एवं 7 फरवरी को विश्वविद्यालय परिसर में किया जा रहा है। यह आयोजन वैज्ञानिक, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और छात्रों (स्नातक एवं स्नातकोत्तर) को अपने अनुसंधान प्रस्तुत करने के साथ नवाचार, विज्ञान संचार और सतत विकास पर केंद्रित विचारों के आदान-प्रदान को भी प्रोत्साहित करेगा।

तीन कैटेगरी में छात्र, शोधार्थी, एकेडमिशियन एवं साइंटिस्ट कर सकेंगे प्रतिभागिता
सम्मेलन में प्रतिभागियों को रिसर्च प्रोजेक्ट, रिसर्च पेपर एवं आईडिया कॉमर्शियालाइजेशन कैटेगरी में 5 लाख रूपए तक के पुरस्कार एवं सर्टिफिकेट जीतने का मौका मिलेगा।
रिसर्च पेपर – इसमें यूजी-पीजी छात्रों के अलावा शोधार्थी, एकेडमिशियन, साइंटिस्ट प्रतिभागिता कर सकेंगे। इसमें एक व्यक्ति एक से अधिक पेपर सब्मिट कर सकता है।
रिसर्च प्रोजेक्ट – इस कैटेगरी में डिप्लोमा के साथ यूजी एवं पीजी स्टूडेंट प्रतिभागिता कर सकेंगे। इसमें अधिकतम चार छात्र एवं 1 शिक्षक के साथ टीम बन सकेगी। एक संस्थान से अधिकतम 5 प्रोजेक्ट शामिल किए जा सकेंगे।
आईडिया कॉमर्शियालाइजेशन – पेटेंट के लिए तैयार किसी भी प्रोडक्ट के साथ इस कैटेगरी में प्रतिभागिता की जा सकती है। इसमें प्रत्येक टीम में 4 प्रतिभागी हो सकते हैं।
कार्यक्रम में शोधार्थियों को नई स्किल्स सीखने का अवसर मिलेगा। इसमें विशेषज्ञों द्वारा रिसर्च पेपर राइटिंग, वॉइस मॉड्यूलेशन एवं अन्य स्किल्स पर वर्कशॉप का आयोजन होगा।

विविध विषयों में प्रतिभागिता के अवसर
सम्मेलन में प्रतिभागियों द्वारा निम्नलिखित विषयों में प्रतिभागिता की जा सकती है –
–    इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी और ग्रीन इनोवेशन
–    साइंस कम्यूनिकेशन (विज्ञान पर्व) फॉर सस्टेनेबल फ्यूचर्स
–    इंडियन नॉलेज सिस्टम और सस्टेनेबल इनोवेशंस
–    ह्यूमेनिटीज, आर्ट्स एवं सस्टेनेबल सोसाइटीज
–    मॉडर्न साइंस फॉर सोसाइटल इंपैक्ट
–    सस्टेनेबल एग्रीकल्चर, फूड सिक्योरिटी एंड रूरल इनोवेशन
–    बिजनेस, मैनेजमेंट एवं ग्रीन इकॉनोमी
–    हॉलिस्टिक हेल्थ, वेलनेस एंड एंवायरमेंटल वेल बीईंग
–    एजुकेशन फॉर इनोवेशन एंड सस्टेनेबिलिटी
–    लॉ, गवर्नेंस एवं ग्रीन पॉलिसी थ्रू द लेंस ऑफ एसडीजी
प्रतिभागिता के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 जनवरी है। आवेदन एवं अधिक जानकारी के लिए www.shodhshikhar.com पर विजिट या 8962016586/9425017885 पर संपर्क करें।

कार्यक्रम में शामिल होंगे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वक्ता
कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रमुख वक्ताओं में अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के हैड एवं प्रतिनिधि समेत देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षाविद शामिल हैं। इसमें अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से फार्म राइज वन (बेयर) के वेंचर फाउंडर माइकल स्क्लोवास्की और सिजेंटा में क्रॉप प्रोटेक्शन डेवलपमेंट हैड डॉ. विनोद शिवरेन अपने वक्तव्य में इनोवेशंस फॉर इंपेक्ट एडवांसिंग ग्रीन टेक्नोलॉजीज एंड एसडीजी विषय पर अपनी बात रखेंगे।

US जर्नल्स में शोध पत्र प्रकाशन का अवसर
शोध शिखर 2026 के अंतर्गत चुनिंदा शोधार्थी अपने शोध पत्रों का प्रकाशन देश एवं विदेश के अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में करवा सकते हैं। इसके लिए स्कोपस इंडेक्स्ड बुक्स, स्प्रिंगर नेचर समेत यूएस के टेलर एंड फ्रांसिस और स्क्राइवनर पब्लिशिंग इत्यादि रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के पब्लिशिंग पार्टनर हैं।

इस पहल पर बात करते हुए रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय की प्रो. चांसलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने कहा, “शोध शिखर विज्ञान पर्व 2026 का उद्देश्य युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टि, नवाचार की सोच और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करना है। रिसर्च पेपर, रिसर्च प्रोजेक्ट और आइडिया कमर्शियलाइजेशन जैसी श्रेणियाँ छात्रों को केवल विचार प्रस्तुत करने का नहीं, बल्कि उन्हें व्यावहारिक समाधान में बदलने का अवसर देती है।”
वहीं, विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे ने कहा कि शोध शिखर 2026 केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान के भारतीय दृष्टिकोण को वैश्विक संदर्भों से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास है। आज आवश्यकता है कि शोध प्रयोगशालाओं तक सीमित न रहे, बल्कि समाज, उद्योग और नीति निर्माण तक पहुंचे।

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