भोपाल मध्य उपजोन से सैकड़ों साधक-समयदानी शांतिकुंज शताब्दी समारोह में होंगे शामिल


भोपाल। अखिल विश्व गायत्री परिवार के आध्यात्मिक केंद्र शांतिकुंज, हरिद्वार में 19 से 24 जनवरी तक आयोजित हो रहे भव्य शताब्दी समारोह में भोपाल मध्य उपजोन के सीहोर, रायसेन, विदिशा, नर्मदापुरम एवं हरदा जिलों से पूर्व में पंजीकृत सैकड़ों समयदानी, साधक, कार्यकर्ता एवं उनके परिजन सहभागिता करेंगे।
इस अवसर पर भोपाल महिला प्रकोष्ठ द्वारा गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य एवं माता भगवती देवी शर्मा के जीवन पर आधारित नाटक का मंचन गंगा तट स्थित कार्यक्रम स्थल वैरागी दीप, हरिद्वार में किया जाएगा। समारोह के मुख्य कार्यक्रम 21 से 23 जनवरी के मध्य संपन्न होंगे।
गायत्री परिवार के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत अखंड दीपक प्रज्वलन के 100 वर्ष, माता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी वर्ष तथा पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा तप-साधना प्रारंभ के 100 वर्ष पूर्ण होने का ऐतिहासिक स्मरण किया जा रहा है।
भोपाल उपजोन के अंतर्गत आने वाले छह जिलों में इससे पूर्व तैयारी बैठकों, साधना सत्रों एवं संपर्क अभियानों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को शताब्दी समारोह के उद्देश्यों से अवगत कराया गया। जिला समन्वयकों के अनुसार मध्यप्रदेश से हजारों की संख्या में प्रतिनिधि शांतिकुंज पहुंचकर युग-निर्माण, नैतिक उत्थान एवं मानवीय मूल्यों के प्रसार का संकल्प लेंगे।
समारोह के दौरान साधना, जप, सामूहिक उपासना, प्रशिक्षण सत्र, संवाद कार्यक्रम एवं मार्गदर्शन प्रवचन आयोजित किए जाएंगे। 22 जनवरी को विशेष प्रशिक्षण एवं अनुभव-साझाकरण सत्र तथा 23 जनवरी को सामूहिक संकल्प, भावी कार्ययोजना एवं यज्ञ-प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।
गायत्री परिवार के पदाधिकारियों ने भोपाल, सीहोर एवं रायसेन सहित अंचलवासियों से शताब्दी वर्ष के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के प्रयासों से जुड़ने का आह्वान किया है।
परिवार के रमेश नागर ने अखंड दीपक भोपाल के बारे बताया कि
यहां उल्लेखनीय है कि गायत्री परिवार के संस्थापक आचार्य पंडित श्रीराम शर्मा जी द्वारा 1926 में तपोभूमि मथुरा में अखंड दीपक प्रजलित किया था उसी दीपक की ज्योति को स्वर्गीय आनंद विजय एवं सूरज परमार की टीम द्वारा 2006 में अखंड दीपक गायत्री शक्तिपीठ भोपाल के साधना कक्ष में स्थापित किया गया था यह ज्योति शुद्ध गाय के घी से निरंतर प्रज्वलित है। इसके सान्निध्य में प्रतिदिन गायत्री मंत्र की साधना होती है। यह साधना कक्ष विशेष रूप से जागृत एवं ऊर्जा का केंद्र माना जाता है, जहाँ दोनों नवरात्रियों में साधना हेतु स्थान मिलना कठिन हो जाता है और प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन-साधना कर पुण्य लाभ कर रहे हैं।
शताब्दी वर्ष के अंतर्गत शांतिकुंज में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला अनुसार भोपाल में भी 21 से 23 जनवरी को शताब्दी वर्ष बसंत पर्व महोत्सव का आयोजन किया गया है, जिसमें सामूहिक श्रमदान, स्वच्छता अभियान, अखंड जप, साधना एवं 24 कुंडी गायत्री महायज्ञ के माध्यम से अखंड दीपक, माता भगवती देवी शर्मा एवं गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की तप-साधना के 100 वर्षों की त्रिवेणी का पूजन-अर्चन एवं नव संकल्प के साथ उत्साहपूर्वक आयोजन होगा।


