

बांग्लादेश आज इतिहास के उस मोड पर खड़ा है, जहां से उसका भविष्य तय होने वाला है. महीनों तक अराजकता और अव्यवस्था झेल चुके बांग्लादेश के लोग गुरुवार को नबांग्लादेश में कथित क्रांति की बयार जुलाई/अगस्त 2024 में आई. अब 18 महीने बाद गुरुवार 12 फरवरी को बांग्लादेश नया नेतृत्व चुनने के लिए तैयार है. भारत केपिछले 18 महीने बांग्लादेश के लिए आसान नहीं रहे हैं. इन 18 महीनों में बांग्लादेश हिंसा, आगजनी, लूटपाट और अव्यवस्था का शिकार होता रहा. अगस्त 2024 में बांग्लादेश हिन्दू बुद्धिस्ट क्रिश्चयन यूनिटी काउंसिल जैसे अल्पसंख्यक संगठन के अनुसार साम्प्रदायिक हिंसा में अगस्त 2024 से 2025 तक 61 हिंदुओं की मौत


