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होली में कारोबारी हो जाएंगे मस्त… 80000 करोड़ रुपये का हो सकता है कारोबार!

इस साल होली पर देशभर के बाजारों में 80 हजार करोड़ रुपये के बंपर कारोबार का अनुमान है. कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के अनुसार, 'वोकल फॉर लोकल' अभियान के असर से चीनी सामान बाजार से गायब है. लोग स्वदेशी हर्बल गुलाल, देसी पिचकारी और पारंपरिक कपड़ों की जमकर खरीदारी कर रहे हैं. अकेले दिल्ली में ही 15 हजार करोड़ रुपये की भारी बिक्री का अनुमान है.

इस बार रंगों का त्योहार होली देशभर के व्यापारियों के लिए एक बड़ी सौगात लेकर आ रहा है. कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के अनुसार, इस साल होली पर बाजारों में 80 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का शानदार कारोबार होने की उम्मीद है. यह आंकड़ा पिछले साल के 60 हजार करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग 25 प्रतिशत अधिक है.

चीनी उत्पादों का बाजार से सफाया

प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान का असर अब जमीनी स्तर पर और बाजारों की रौनक में साफ नजर आने लगा है. एक समय था जब होली के बाजारों में पूरी तरह से चीनी पिचकारियों और अन्य सामानों का कब्जा होता था. लेकिन साल 2021 के बाद से हालात तेजी से बदले हैं और अब बाजार में पूरी तरह से स्वदेशी उत्पादों का दबदबा है.

ग्राहक अब भारत में बने प्राकृतिक रंग, हर्बल गुलाल, चंदन और पूजन सामग्री को प्राथमिकता दे रहे हैं. देसी कारीगरों द्वारा तैयार की गई पिचकारियां, गुब्बारे और अन्य सामान हाथों-हाथ बिक रहे हैं. इससे कुटीर उद्योगों और छोटे व्यापारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है. विदेशी निर्भरता खत्म होने से स्थानीय कारोबारियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही है.

हर्बल रंगों, पारंपरिक परिधानों की भारी डिमांड

लोग अब अपनी सेहत और त्वचा को लेकर काफी जागरूक हो गए हैं. इस वजह से केमिकल वाले पक्के रंगों की जगह हर्बल और प्राकृतिक रंगों की मांग में जबरदस्त इजाफा हुआ है. वहीं दूसरी तरफ, बच्चों के बीच स्पाइडर-मैन और छोटा भीम जैसे मशहूर किरदारों वाली पिचकारियां आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई हैं.

रंगों के अलावा परिधानों के बाजार में भी भारी तेजी दर्ज की गई है. होली खेलने के लिए खास तौर पर सफेद टी-शर्ट, पारंपरिक कुर्ता-पायजामा और सलवार-सूट की जमकर खरीदारी हो रही है. ‘हैप्पी होली’ के संदेश वाली प्रिंटेड टी-शर्ट भी बड़ी संख्या में खरीदी जा रही हैं. कपड़ों के साथ-साथ फर्निशिंग फैब्रिक और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की बिक्री ने भी रफ्तार पकड़ ली है.

दिल्ली के बाजारों में जबरदस्त रौनक

व्यापारिक गतिविधियों के लिहाज से राजधानी दिल्ली में सबसे ज्यादा हलचल देखने को मिल रही है. कैट के राष्ट्रीय महामंत्री और चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल के मुताबिक, अकेले दिल्ली में 15 हजार करोड़ रुपये का व्यापार होने का अनुमान है. शहर के तमाम थोक और खुदरा बाजार ग्राहकों की भारी भीड़ से खचाखच भरे हुए हैं.

मिठाई की दुकानों पर पारंपरिक गुजिया की मांग आसमान छू रही है. गुजिया की मालाओं और खास तौर पर तैयार किए गए ड्राई फ्रूट्स के पैकेट धड़ल्ले से बिक रहे हैं. इसके साथ ही किराना, एफएमसीजी उत्पादों, फल-फूल और गिफ्ट आइटम्स की दुकानों पर भी खरीदारी के लिए लोगों की लंबी कतारें लगी हुई हैं.

होली मिलन समारोहों से सर्विस सेक्टर में भारी उछाल

होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि सामाजिक मेलजोल का भी एक प्रमुख त्योहार है. देशभर में इस समय होली मिलन समारोहों का बड़े पैमाने पर आयोजन किया जा रहा है. दिल्ली में ही विभिन्न व्यापारिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संगठनों द्वारा करीब तीन हजार से अधिक ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.

इन आयोजनों की वजह से सर्विस और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को भारी मुनाफा हो रहा है. बैंक्वेट हॉल, फार्महाउस, बड़े रेस्टोरेंट और सार्वजनिक पार्क लगभग पूरी तरह से बुक हो चुके हैं. बता दें 3 मार्च को होलिका दहन होगा और 4 मार्च को रंगों की होली खेली जाएगी.

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