अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिका और भारत एक महत्वपूर्ण खनिज समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। आने वाले कुछ महीनों में एक बड़ी घोषणा होने की उम्मीद है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले कुछ महीनों में अमेरिका-भारत संबंधों में कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं, जिनमें एक नया व्यापार समझौता भी शामिल है।गोर ने कहा, मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि अमेरिका और भारत एक महत्वपूर्ण खनिज समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं, जो उन्नत विनिर्माण, ऊर्जा प्रणालियों और उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए आवश्यक आपूर्ति शृंखलाओं को सुरक्षित करने में मदद करेगा। देखते रहिए, लेकिन आने वाले कुछ महीनों में, हम इस संबंध में एक बड़ी घोषणा की उम्मीद करते हैं। एक मीडिया समूह के कार्यक्रम में गोर ने कहा कि अमेरिका और भारत सरकारों, व्यापारिक समुदायों और यहां तक कि मीडिया के माध्यम से भी एक-दूसरे पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।ट्रंप के नेतृत्व में ऐतिहासिक ऊंचाईयां छुएंगे संबंध
भारत में अमेरिकी राजदूत ने कहा, यह ध्यान एक गहरे पहलू को दर्शाता है, एक ऐसी साझेदारी को जो हर साल और मजबूत, अधिक स्पष्ट और अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है। गोर ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच संबंध ऐतिहासिक ऊंचाइयों को छूने और अभूतपूर्व पैमाने पर परिणाम देने की क्षमता रखते हैं।
तेल की कीमतें बढ़ने में हमारा हाथ नहीं: गोर
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और तेल की बढ़ती कीमतों पर गोर ने कहा कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी करने की कोशिश कर रहा है। वाणिज्यिक जहाजों को जानबूझकर निशाना बना रहा है। उन्होंने तेहरान पर तेल की कीमतों को बढ़ाने का आरोप लगाया।
गोर ने वाशिंगटन के भारत को रूसी तेल खरीदने की अनुमति देने वाली 30 दिन की छूट पर कहा, आज स्थिति अलग है। आज हम ऐसी स्थिति में हैं जहां दुर्भाग्यवश ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी करने की कोशिश कर रहा है। भारत हमारा करीबी सहयोगी है। ऐसे में तेल की कीमतें बढ़ें इससे पहले हम उसे रूस से तेल खरीदने की अनुमति दे दी।


