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आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन 

आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन, बोनस और सेवा सुरक्षा संबंधी समस्याओं को दूर करने लगाई गुहार 

भोपाल, 7 अप्रैल। आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर भोपाल कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ‘युवा आउटसोर्सिंग सामाजिक कल्याण समिति द्वारा  सैकड़ों आउटसोर्स कर्मचारियों की उपस्थिति में यह ज्ञापन कलेक्टर के नाम तहसीलदार को सौंपा गया।  आउटसोर्स कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक सिंह और  प्रदेश संगठन मंत्री आशीष सिंह सिसोदिया ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से हम प्रशासन का ध्यान भोपाल जिले में कार्यरत हजारों आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की दयनीय स्थिति की ओर आकर्षित करना चाहते हैं। वर्तमान में यह वर्ग अत्यधिक शोषण और आर्थिक तंगी का सामना कर रहा है।

आउटसोर्स कर्मचारियों की प्रमुख मांगे और समस्याएं

1. न्यूनतम वेतन में संशोधन (Base Year परिवर्तन): वर्तमान में न्यूनतम वेतन की गणना का आधार वर्ष (Base Year) 2001 है। 25 वर्षों में महंगाई कई गुना बढ़ चुकी है, लेकिन वेतन उस अनुपात में नहीं बढ़ा है। हमारी मांग है कि केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित (Base Year) 2016 पा 2024 को आधार वर्ष मानकर वर्तमान समयानुसार अद्यतनकर सम्मानजनक वेतन निर्धारित किया जाए।

2. बोनस का अनिवार्य भुगतानः नियमानुसार आउटसोर्सिंग कर्मचारी भी बोनस के हकदार हैं, परंतु अधिकांश वेंडर कंपनियां इसका भुगतान नहीं कर रही हैं। इसे तत्काल लागू करवाया जाए।

3. समय पर वेतन भुगतानः कई विभागों में वेतन 15 से 20 तारीखएवं कई महिनों तक भी वेतन नहीं मिलता। श्रम नियमों के अनुसार हर माह की 5 या 7 तारीख तक वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

4. सेवा सुरक्षा (Job Security) : बिना किसी ठोस कारण या बिना पूर्व नोटिस के कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की प्रथा पर रोक लगाई जाए। अचानक छंटनी से कर्मचारियों के परिवारों के सामने भूखों मरने की नौबत आ जाती है।

5. ईपीएफ (EPF) और ईएसआई (ESIC) की पारदर्शिताः कर्मचारियों के वेतन से कटने वाली राशि उनके खातों में जमा हो रही है या नहीं, इसकी नियमित जांच श्रम विभाग द्वारा कराई जाए।

पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि भोपाल के जिन शासकीय कार्यालयों में बोनस एवं एरियर्स का भुगतान नहीं किया गया है। उक्त कार्यालयों के नाम की सूची पत्र के साथ संलग्न है। अतः उक्त सूची पर 15 दिवस के भीतर बोनस अधिनियम 1965 एवं श्रम कानूनों के तहत कठोर एवं आवश्यक कार्यवाही करें। उपर्युक्त मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए संबंधित विभागों और आउटसोर्सिंग एजेंसियों को कड़े निर्देश जारी करने की कृपा करें। यदि इन समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं होता है. तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

ज्ञापन सौंपने वालों में ये रहे शामिल

दीपक सिंह, प्रकाश पुंज चौधरी, प्रदेश महामंत्री,  आशीष सिंह सिसौदिया, प्रदेश संगठन मंत्री, अखिलेश श्रीवास्तव, सलाहकार , राम प्रसाद द्विवेदी, कोषाध्यक्ष सह प्रदेश प्रवक्ता,  राजपाल दिवाकर प्रदेश संयुक्त सचिव,  विमला तिवारी, महिला संरक्षण अधिकारी, रोशन प्रजापति आई.टी. टीम प्रबंधक इत्यादि ज्ञापन सौंपने के दौरान मौजूद रहे।

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