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मेनका गुरुस्वामी बनीं भारत की पहली LGBTQ सांसद, 19 सांसदों ने ली राज्यसभा में शपथ

नई दिल्ली: डॉ. मेनका गुरुस्वामी ने इतिहास रच दिया है। सोमवार को वह भारत की पहली ‘ओपनली क्वीर’ (खुले तौर पर क्वीर) सांसद बन गईं। वह सुप्रीम कोर्ट की एक जानी-मानी वरिष्ठ वकील हैं, जो LGBTQ+ अधिकारों को कानूनी मान्यता दिलाने और संवैधानिक कानून को आगे बढ़ाने में अपनी अहम भूमिका के लिए मशहूर हैं। वह पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के टिकट पर चुनी गईं। उच्च सदन में उनका चुनाव सरकार में LGBTQ+ प्रतिनिधित्व को दर्शाता है।

मेनका गुरुस्वामी कौन हैं?

गुरुस्वामी एक जानी-मानी संवैधानिक वकील हैं, जिन्होंने 2018 के सुप्रीम कोर्ट केस में अहम भूमिका निभाई थी। इस केस में धारा 377 के कुछ हिस्सों को रद्द कर दिया गया था, जिससे भारत में समलैंगिकता को प्रभावी रूप से अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया।

हाशिए पर रहा है समुदाय

संसद में मेनका गुरुस्वामी का प्रवेश उन्हें उन चुनिंदा कानूनी पेशेवरों की श्रेणी में ला खड़ा करता है, जो अदालत से विधायिका की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। उनका चुनाव भारतीय राजनीति में ऐतिहासिक रूप से हाशिए पर रहे समुदायों को अधिक प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

बड़े-बड़े संस्थानों में की पढ़ाई

मेनका का जन्म 1974 में हैदराबाद में हुआ था। नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, ऑक्सफोर्ड (रोड्स स्कॉलर, BCL और D.Phil) और हार्वर्ड लॉ स्कूल से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने एक विशिष्ट करियर बनाया। उन्होंने येल लॉ स्कूल, NYU स्कूल ऑफ लॉ और यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो फैकल्टी ऑफ लॉ में विजिटिंग फैकल्टी के तौर पर पढ़ाया है, साथ ही कोलंबिया लॉ स्कूल में बीआर अंबेडकर रिसर्च स्कॉलर और लेक्चरर के रूप में काम किया है, जहां उनका मुख्य जोर संघर्ष के बाद उभरे लोकतंत्रों में संवैधानिक संरचना पर रहा है।

मेनका गुरुस्वामी ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य संगठनों को मानवाधिकारों के संबंध में परामर्श भी दिया है। साल 2019 में ‘फॉरेन पॉलिसी’ ने उन्हें दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली विचारकों में शामिल किया और वे अपनी साथी वकील अरुंधति काटजू के साथ ‘टाइम’ पत्रिका की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में भी शामिल हुईं।

19 सांसदों ने ली सांसदी की शपथ

इस बीच आज NCP-SCP नेता शरद पवार और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले सहित राज्यसभा के 19 नए सदस्यों ने 6 अप्रैल 2026 को पद की शपथ ली।

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