लोकायुक्त के जांच के दायरे में आने वाले तथा निलंबन से बहाल होने वाले अधिकारी- कर्मचारी को मलाई दार पदों पर पदस्थ नहीं किया जाए
भोपाल। सेमी गवरमेंट एम्प्लाइज फेडरेशन के संयोजक अनिल बाजपेई एवं अर्द्ध शासकीय अधिकारी कर्मचारी सार्वजनिक उपक्रम संघ के प्रांताध्यक्ष अरुण वर्मा ने भ्रष्ट्राचार का कड़ा विरोध करते हुए बताया कि प्राय: यह देखा गया है कि शासकीय विभागों एवं निगम मंडलों सहकारी संस्थाओं मे कर्मचारी अधिकारियोंं की मिली भगत से भ्रष्ट्राचार होते हैं जब कोई ईमानदार अधिकारों किसी भ्रष्ट अधिकारी को निलंबित कर देता है तो हड़कंप मच जाता है जब निलंबित करने वाले ईमानदार अधिकारी का स्थानांतरण हो जाता है तो जाँच के दायरे पर आने वाला निलंबित अधिकारी लेनदेन मिली भगत के माध्यम से निलंबन से बहाल हो जाता है तथा निलंबन बहाल करने वाला अधिकारी उसे मलाई दार पद पर पदस्थ कर देता है जिससे भ्रष्ट्राचार को बढ़ावा मिल जाता है क्योंकि वही भृष्ट्र अधिकारी सइयाँ भये कोतवाल के दम पर पुरी ताकत से संस्था को आर्थिक नुकसान पहुंचता है जो किसी भी दृष्टि से सही नही है। अत: निगम मंडलों के वरिष्ठ कर्मचारी नेता अरुण वर्मा एवं अनिल बाजपेई ने शासकीय विभागों एवं अर्द्ध शासकीय निगम मंडल सहकारी संस्थाओं मे भ्रष्ट्राचार पर अंकुश लगाने के लिए मुख्य मंत्री डॉ. मोहन यादव से अनुरोध किया है कि लोकायुक्त के जाँच के दायरे पर आने वाले तथा किसी भी प्रकरण मे निलंबित होने के बाद निलंबन से बहाल होने वाले अधिकारियों कर्मचारियों को आर्थिक गतिविधियों वाले अर्थात मलाई दार पदों पर पदस्थ नही किया जाए।



