भारतीय योग संसद ने ट्रंप की ‘हेलहोल’ वाली टिप्पणी की कड़ी निंदा की, यह 140 करोड़ भारतीयों का अपमान है – डॉ. विनीत तिवारी


भोपाल – भारतीय योग संसद के अध्यक्ष डॉ. विनीत तिवारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 23 अप्रैल 2026 को ट्रुथ सोशल पर शेयर की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। उल्लेखनीय है कि डोनाल्ड ट्रंप ने रेडियो होस्ट माइकल सैवेज की टिप्पणी को शेयर किया, जिसमें कहा गया कि एक बच्चा जन्म लेते ही तुरंत नागरिक बन जाता है और फिर वे अपना पूरा परिवार चीन से, या भारत से, या धरती के किसी अन्य ‘हेलहोल’ (नर्क जैसे स्थान) से ले आते हैं। डॉ. विनीत तिवारी ने कहा कि भारत की प्राचीन योग परंपरा सदियों से पूरे विश्व को शांति, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग दिखाती रही है। ऐसे असंवेदनशील और अज्ञानपूर्ण टिप्पणियाँ न केवल तथ्यों से कोसों दूर हैं, बल्कि दो महान लोकतंत्रों भारत और अमेरिका के बीच की गहरी मित्रता तथा रणनीतिक साझेदारी को ठेस पहुँचाती हैं। डॉ. तिवारी ने कहा कि भारत ने सिर्फ विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र है बल्कि योग और आयुर्वेद की जन्मभूमि भी है तथा ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का संदेश देने वाला महान राष्ट्र है। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी 140 करोड़ भारतीयों का अपमान है। भारतीय योग संसद ने इस अशोभनीय टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भारत की प्राचीन योग परंपरा ने विश्व को कभी नफरत या अपमान नहीं सिखाया, बल्कि प्रेम, एकता और आध्यात्मिक जागरण का संदेश दिया है। भारत कोई ‘हेलहोल’ नहीं, बल्कि विश्व की आध्यात्मिक राजधानी और मानवता का प्रेरणास्रोत है।भारतीय योग संसद ने राष्ट्रपति ट्रंप को सलाह दी कि वे 23 अप्रैल 2026 जैसी तारीखों को याद रखें और भविष्य में ऐसी अशोभनीय, असंवेदनशील तथा अज्ञानपूर्ण टिप्पणियों से बचें। भारत हमेशा सम्मान के आधार पर दोस्ती का हाथ बढ़ाता है, अपमान के आधार पर नहीं। भारतीय योग संसद पूरे विश्व से अपील करती है कि योग की शक्ति और महानता को समझा जाए, क्योंकि यही शांति और समरसता का सच्चा मार्ग है।



