खबरमध्य प्रदेश

डॉ. रीनू यादव ने यूएन में किया भारत का प्रतिनिधित्व 

सस्टेनेबल फ्यूचर वर्ल्ड फोरम में उठाई महिलाओं की आवाज़

भोपाल,। 23 अप्रैल। भोपाल में प्राध्यापक और समाज सेवी डॉक्टर रीनू यादव ने यूनाइटेड नेशन्स के सस्टेनेबल डेवलपमेंट वर्ल्ड फोरम  में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए  ज़ोर देकर कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण एक टिकाऊ दुनिया की _असली नींव_ है। उन्होंने वर्ल्ड लीडर्स से अपील की कि जेंडर इक्वैलिटी को डेवलपमेंट प्लान के बीचों-बीच रखा जाए, साइडलाइन पर नहीं।

“मुझे गर्व है कि मैं इस मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हूँ,” उन्होंने कहा। “यहाँ दुनिया भर के लीडर्स के साथ बहुत ज़रूरी बातचीत और आइडियाज़ का एक्सचेंज हुआ।” उनकी ये बात सुनते ही पूरा हॉल अलर्ट हो गया।

अपनी स्पीच में उन्होंने साफ कहा कि महिलाओं को लेकर अब धीरे-धीरे बदलाव वाली सोच से काम नहीं चलेगा। _“महिलाओं का सशक्तिकरण सस्टेनेबल डेवलपमेंट का कोई एक्स्ट्रा हिस्सा नहीं है — ये उसकी नींव है,”_ उन्होंने कहा। _“जेंडर इक्वैलिटी को सिर्फ सपना बनाकर नहीं रख सकते, इसे हकीकत बनाना ही पड़ेगा।”_

उन्होंने बताया कि कैसे महिलाओं की लीडरशिप सीधे SDGs से जुड़ी है — चाहे क्लाइमेट क्राइसिस से लड़ना हो या इकॉनमी को आगे बढ़ाना हो। _“सशक्त महिलाएँ नए आइडियाज़ लाती हैं, मुश्किल वक्त में कम्युनिटी को संभालती हैं, और आने वाली पीढ़ियों के लिए मज़बूती तैयार करती हैं। महिलाओं की पूरी भागीदारी के बिना बदलाव मुमकिन ही नहीं है।”_

रास्ता क्या है? शिक्षा, आर्थिक आज़ादी और फैसले लेने की पावर — यही वो तीन चाबियाँ हैं जो महिलाओं का असली पोटेंशियल खोलती हैं। _“महिलाओं में इन्वेस्ट करना मतलब एक सस्टेनेबल दुनिया की बुनियाद में इन्वेस्ट करना है। अब देर नहीं करनी चाहिए — जेंडर गैप तोड़ना है, बराबरी लानी है, और महिलाओं की लीडरशिप को आगे लाना है।”_

अपनी बात खत्म करते हुए उन्होंने _Women Health Empowerment Campaign_ के ज़रिए काम करते रहने का वादा किया। _“मेरा कमिटमेंट पक्का है,”_ उन्होंने कहा। _“जब महिलाएँ तन, मन और अपने फैसलों में मज़बूत होती हैं, तभी वो एक बेहतर और बराबरी वाली दुनिया बना पाती हैं। महिलाओं की सेहत पर फोकस करेंगे तो लीडरशिप, इनोवेशन और तरक्की की ऐसी चेन शुरू होगी जो सरहदों और पीढ़ियों के पार जाएगी।”_

उनकी इस स्पीच पर हॉल में ज़बरदस्त रिस्पॉन्स मिला। कई डेलिगेट्स ने खास तौर पर इस लाइन को नोट किया: _“हमें सिर्फ Sustainable Development Goals पूरे नहीं करने, बल्कि उनसे आगे निकलना है — और एक ऐसी दुनिया बनानी है जहाँ इंसाफ़ हो, तरक्की हो, और सबकी इज़्ज़त हो।”_

UN का Sustainable Development World Forum इस हफ्ते चल रहा है, जहाँ जेंडर इक्वैलिटी और क्लाइमेट एक्शन सबसे बड़े मुद्दे बने हुए हैं।

 

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