योग क्रांति को नई गति: 7 राज्यों से 9 योग सांसदों की चौथी सूची जारी
दिल्ली से कनु प्रिया , पाटन से डॉ. कामिना , रांची से सन्यासी मुक्त रथ बने योग सांसद




भोपाल, भारतीय योग संसद की चयन समिति ने योग क्रांति को नई ऊर्जा प्रदान करते हुए 7 राज्यों से 9 योग सांसदों की चौथी सूची जारी की है। इस सूची में मध्य प्रदेश से 2, झारखंड से 2, जबकि गुजरात, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से एक-एक योग सांसद का चयन किया गया है।
चयनित 9 योग सांसदों की सूची:
1. दक्षिण दिल्ली (दिल्ली) – कनु प्रिया
2. पाटन (गुजरात) – डॉ. कामिनी पटेल
3. बागपत (उत्तर प्रदेश) – योगाचार्य रूपा धामा
4. मंडला (मध्य प्रदेश) – डॉ. मुक्ति चौहान
5. बालाघाट (मध्य प्रदेश) – योगाचार्य गगन देशमुख
6. गोड्डा (झारखंड) – डॉ. संजय प्रसाद
7. रांची (झारखंड) – सन्यासी मुक्त रथ
8. हावड़ा (पश्चिम बंगाल) – योगाचार्य चंद्रनाथ राम
9. कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) – योगाचार्य तिलक राज






भारतीय योग संसद की प्रमुख विशेषताएं:
– देश की सभी 543 लोकसभा सीटों को योग-क्षेत्र घोषित किया गया है।
– प्रत्येक क्षेत्र से एक निःस्वार्थ, योग में स्नातकोत्तर/पीएचडी धारक योग सांसद का चयन होगा।
– कुल 543 योग सांसद मिलकर राष्ट्रीय योग नीति तैयार करेंगे।
– यह संसद पूर्णतः गैर-राजनीतिक एवं गैर-सांप्रदायिक होगी।
– चयन में योग में एमए/एमएससी (योग) अनिवार्य, पीएचडी को प्राथमिकता तथा ख्यातिप्राप्त योगाचार्यों को विशेष सम्मान दिया जाएगा।
यह चयन प्रक्रिया 1 दिसंबर 2025 से सभी 543 लोकसभा क्षेत्रों के लिए निरंतर जारी है।
भारतीय योग संसद के अध्यक्ष डॉ. विनीत तिवारी ने नव चयनित योग सांसदों को बधाई देते हुए कहा कि वे राष्ट्रीय योग नीति के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में मजबूत योगदान देंगे। उन्होंने सभी योग साधकों, प्रशिक्षकों एवं योग प्रेमियों से इस राष्ट्रव्यापी अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। यह जानकारी भारतीय योग संसद की मुख्य सचेतक अमृता नामदेव द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है।



