देश में हर आठ में से एक बीमार, दिल के मरीज 7 साल में तीन गुना; 15 से 29 साल के युवा भी आ रहे चपेट में


राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) से जारी पारिवारिक सामाजिक उपभोग स्वास्थ्य रिपोर्ट के अनुसार, देश में संक्रामक बीमारियों में कमी आई है, लेकिन दिल की बीमारी, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियों में वृद्धि हुई है। पिछले सात साल में देश में हृदय रोग से पीड़ितों की संख्या में करीब तीन गुना की बढ़ोतरी हुई है। यहां तक कि अब 15 से 29 साल के युवा भी दिल की बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।एनएसओ की रिपोर्ट 80वें दौर, जनवरी-दिसंबर 2025 के स्वास्थ्य सर्वेक्षण पर आधारित है। यह देश में बीमारियों, इलाज के तरीकों और स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च की तस्वीर पेश करती है। रिपोर्ट के अनुसार, देश में पिछले 15 दिनों के दौरान करीब 13.1 प्रतिशत लोग बीमार पड़े। प्रति एक लाख आबादी पर कुल 15,217 बीमारियों के मामले दर्ज किए गए। इससे यह संकेत मिलता है कि कई लोगों को एक से अधिक स्वास्थ्य समस्याएं थीं। महिलाओं में यह संख्या 17,006 रही, जो पुरुषों के 13,504 मामलों से अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार, शहरी इलाकों में बीमारी की दर ग्रामीण इलाकों की तुलना में अधिक है। शहरों में लगभग 14.9 प्रतिशत लोग बीमार पड़े, तो ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा लगभग 12.2 प्रतिशत था। लिंग के आधार पर भी इसमें अंतर देखने को मिला। महिलाओं में बीमारी की दर 14.4 प्रतिशत थी, जबकि पुरुषों में यह 11.8 प्रतिशत थी।



