
अतीत की परछाइयाँ धुंधली पड़ने दो,
नई धूप से खिली है मन की क्यारी आज।
एक नया सवेरा, एक नई उमंग है,
सांसों में बसी है जीवन की एक नई तान आज।।
खोए हुए सपनों को अब भूल जाओ,
नई राह पर बढ़ चलो एक नई उड़ान भरके।
सितारे कह रहे हैं एक नई दास्तान,
रंग-बिरंगे रंगों से सजी है शाम आज।।
समंदर की मौजों में है एक नया राग,
नई कली खिल उठी है चमन में आज।
गुज़रे हुए लम्हों की यादों को समेट कर,
नया गीत लिखो, एक नई कहानी आज।।
नया है ये जीवन, नई है ये दुनिया,
हर धड़कन में है एक नया एहसास आज।
सफ़र है नया, नया है ये हमसफ़र,
खुशियों की बारिश में भीगने दो आज।।
- लायन कवि अरुण कुमार सोनी


