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पुणे इमारत हादसा: 72 घंटे बाद भी खत्म नहीं हुआ बचाव अभियान, अब तक मिले आठ लोगों के शव; एक की तलाश जारी

महाराष्ट्र के पुणे के पास मोशी इलाके में एक बहुत बड़ा हादसा हो गया है। यहां के वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट (कचरा प्रबंधन इकाई) के ढहने से हड़कंप मच गया है। शनिवार को रेस्क्यू ऑपरेशन के चौथे दिन मलबे से सात शब बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। अब तक मलबे में फंसे अनुमानित 23 लोगों में से 14 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। एक व्यक्ति की तलाश लगातार जारी है।

से हुआ यह भयानक हादसा?
यह हादसा पिछले बुधवार को हुआ था। मोशी में पिंपरी चिंचवाड़ नगर निगम (पीसीएमसी) का वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट है। वहां कचरे का एक बहुत बड़ा ढेर अचानक प्रशासनिक इमारत पर गिर गया। भारी वजन के कारण तीन मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई।हादसे का दिन ( बुधवार)

  • दोपहर करीब 1:30 बजे मोशी स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट में कचरे का ढेर प्रशासनिक इमारत पर गिरा।
  • हादसे के समय इमारत में 23 लोग मौजूद थे।
  • पांच कर्मचारी खुद सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।
  • एनडीआरएफ, सेना और दमकल विभाग ने तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
  • पहले दिन सात लोगों को मलबे से जिंदा निकाला गया।
  • पहले दिन किसी शव की बरामदगी नहीं हुई।

9 जुलाई 2026 (गुरुवार)

  • बुधवार देर रात और गुरुवार तड़के दो और लोगों को सुरक्षित बचाया गया।
  • इसके साथ ही रेस्क्यू कर बचाए गए लोगों की संख्या नौ हो गई।
  • सुबह करीब 10 बजे मलबे से पहला शव बरामद हुआ।
  • मृतक की पहचान भाविश वानी के रूप में हुई।

10 जुलाई 2026 (शुक्रवार) 

  • जहरीली गैस, लगातार बारिश और अस्थिर मलबे के कारण बचाव अभियान धीमा रहा।
  • इस दिन न तो कोई व्यक्ति जिंदा निकाला जा सका और न ही कोई नया शव मिला।
  • बचाव दलों ने हाथ से मलबा हटाकर सर्च ऑपरेशन जारी रखा।

11 जुलाई 2026 (शनिवार) 

  • चौथे दिन भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाया गया।
  • मलबे से सात और शव बरामद किए गए।
  • इनमें दो शव की पहचान अक्षय सावंत और सुनील कोरके के रूप में हुई।
  • इसके साथ ही हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई।

क्यों आ रही है बचाव कार्य में दिक्कत?
महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने खुद दुर्घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने राहत कार्यों की समीक्षा की और बताया कि कुछ लोग अब भी फंसे हो सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘कचरे के ढेर से निकलने वाली जहरीली गैसों के कारण बचाव दल को बहुत परेशानी हो रही है। साथ ही भारी बारिश ने भी काम में बाधा डाली है।’ उन्होंने आश्वासन दिया कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जांच चल रही है। रिपोर्ट आने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना और एनडीआरएफ को तैनात करने के आदेश दिए गए थे। कंपनी, नगर निगम और राज्य सरकार मिलकर इस मुद्दे पर एक संयुक्त बैठक करेंगे।

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