पदोन्नति में टीईटी पर स्थिति स्पष्ट करे विभाग, उच्च पद प्रभार प्राप्त शिक्षकों को मिले प्राथमिकता : जगदीश यादव
भोपाल, 17 जुलाई। राज्य शिक्षक संघ, मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश यादव ने नवीन शिक्षक संवर्ग की पदोन्नति प्रक्रिया में टीईटी को लेकर उत्पन्न भ्रम पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि स्कूल शिक्षा विभाग तत्काल स्पष्ट एवं लिखित दिशा-निर्देश जारी करे, ताकि प्रदेशभर में पदोन्नति प्रक्रिया एक समान, पारदर्शी और विवादमुक्त तरीके से संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि विभिन्न जिलों एवं विकासखंडों में टीईटी संबंधी अलग-अलग प्रकार की जानकारी मांगे जाने से शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बन रही है। यदि पदोन्नति में टीईटी से संबंधित कोई शर्त लागू की जा रही है, तो विभाग यह स्पष्ट करे कि उसका विधिक एवं प्रशासनिक आधार क्या है तथा यह किन शिक्षक संवर्गों पर लागू होगा।
जगदीश यादव ने विशेष रूप से मांग की कि इस पदोन्नति प्रक्रिया में वर्तमान में उच्च पद का प्रभार संभाल रहे शिक्षकों को प्राथमिकता प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे अनेक शिक्षक पिछले लगभग दो वर्षों से उच्च पद की समस्त जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें आज तक न तो उस पद का वित्तीय लाभ मिला और न ही सेवा संबंधी अन्य लाभ प्राप्त हुए। ऐसे समर्पित शिक्षकों को पदोन्नति में प्राथमिकता देना न्यायसंगत होने के साथ-साथ प्रशासनिक दृष्टि से भी उचित होगा।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से उच्च पद पर कार्यरत शिक्षकों ने अपने अनुभव, दक्षता और कार्यकुशलता से विभागीय दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है। इसलिए पदोन्नति प्रक्रिया में उनके योगदान और सेवा को उचित महत्व मिलना चाहिए।
राज्य शिक्षक संघ ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि पदोन्नति प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, एकरूप एवं विवादमुक्त बनाया जाए, किसी भी शिक्षक के वैधानिक अधिकार प्रभावित न हों तथा शीघ्र स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर शिक्षकों में व्याप्त भ्रम समाप्त किया जाए। साथ ही, उच्च पद प्रभार प्राप्त शिक्षकों को पदोन्नति में प्राथमिकता देकर उनके वर्षों के योगदान का सम्मान सुनिश्चित किया जाए।

