माहेश्वरी महिला मंडल द्वारा आयोजित ‘नानीबाई का मायरा’ का समापन

गुजराती समाज भवन में माहेश्वरी महिला मंडल एवं महेश्वरी ‘वृहद ‘समाज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित भव्य धार्मिक आयोजन ‘नानीबाई का मायरा’ का समापन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह एवं भक्ति भाव के साथ हुआ। पावन कथा अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पुष्पानंद महाराज के पावन सान्निध्य एवं श्रीमुख से संपन्न हुई। कार्यक्रम में माहेश्वरी महिला मंडल की सदस्यगण रमा बंग, माधवी पासारी, ऋतु बंग, सुशीला लढ्ढा, सुशीला मालपानी, पूजा , मानसी सहित समाज की अनेक मातृ-शक्तियों एवं संरक्षकगण का सहयोग रहा। वहीं समाज के वरिष्ठ संरक्षक एवं गणमान्यजन—अशोक पलोड़, चतुर्भुज मालपानी, संजय मालपानी, अरुण , शेखर बाहेती,मनीष सहित समाज के अनेक वरिष्ठजनों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
महिला मंडल ने डांडिया के साथ लोकगीत किए पेश
महिला मंडल की रितु माहेश्वरी ने बताया कि सावन के पावन महीने में भोपाल स्थित गुजराती भवन में कथा का आयोजन किया गया। महिला मंडल द्वारा डांडिया और लोकगीत पेश किए गए। उन्होंने मायरा का महत्व बताते हुए कहा कि भगवान कृष्ण द्वारा अपनी बुआ नानी बाई का मायरा भरा गया उन्होंने उनकी मदद की। कार्यकम में कथावाचक महाराज की उपस्थिति में जब मंच पर कृष्ण उपहार लेकर पहुंचे तो पूरा कथा स्थल ‘जय द्वारकाधीश’ के नारों से गूंज उठा। आयोजन का उद्देश्य लोक संस्कृति को बचाना और बेटियों का सम्मान करना था।




