केंद्र सरकार ने शुक्रवार को किसानों, ऊर्जा, खेल और तेल-गैस क्षेत्र से जुड़े कई बड़े फैसले लिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने, प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (PM-SSY) शुरू करने, खेलो इंडिया योजना को नया स्वरूप देने और ‘समुद्र मंथन’ राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना को मंजूरी दी गई। इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आय को सहारा देना, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, खेलों का विकास करना और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाना है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में क्या फैसला लिया गया?
मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इस योजना के लिए 3,15,614 करोड़ रुपये का कुल वित्तीय प्रावधान किया गया है। यह योजना 24 फरवरी 2019 को शुरू हुई थी और इसके तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में आधार से जुड़े बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जाती है। सरकार के अनुसार, अब तक किसानों के खातों में 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक सीधे भेजे जा चुके हैं। सरकार का कहना है कि योजना जारी रहने से खेती में निवेश बढ़ेगा, उत्पादकता में सुधार होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना क्या है?
मंत्रिमंडल ने 5,070 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान के साथ प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत देश में 5,000 मेगावाट क्षमता की फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। इनके साथ कम से कम 10,000 MWh क्षमता की ऊर्जा भंडारण प्रणाली भी बनाई जाएगी। परियोजनाओं को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 के बीच मंजूरी दी जाएगी, जबकि वित्तीय सहायता 2032-33 तक जारी रहेगी। सफलतापूर्वक चालू होने वाली पात्र परियोजनाओं को प्रति मेगावाट 1 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता मिलेगी। इसका उद्देश्य जलाशयों पर सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र को मजबूती देना है।
खेलो इंडिया योजना में क्या बदलाव किए गए?
मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए 36,441 करोड़ रुपये के कुल प्रावधान के साथ संशोधित खेलो इंडिया योजना को मंजूरी दी है। इसके साथ ही राष्ट्रीय खेल महासंघों को दी जाने वाली सहायता योजना को भी 2026-31 की अवधि के लिए मजबूत करने का फैसला किया गया है। सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, खेल सुविधाएं और राष्ट्रीय खेल संस्थाओं को अधिक सहयोग उपलब्ध कराना है ताकि देश में खेलों का विकास तेज हो सके।
‘समुद्र मंथन’ योजना क्या है और इस पर कितना खर्च होगा?
मंत्रिमंडल ने 84,084 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ ‘समुद्र मंथन’ राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना को भी मंजूरी दी है। यह योजना वित्त वर्ष 2030-31 तक लागू रहेगी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की इस केंद्रीय क्षेत्र की योजना का उद्देश्य भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना, घरेलू तेल और गैस की खोज तथा उत्पादन बढ़ाना और नई तकनीकों को बढ़ावा देना है। सरकार के अनुसार, इस योजना से 600 मिलियन मीट्रिक टन ऑयल इक्विवेलेंट से अधिक नए भंडार मिलने की संभावना है। इसके तहत उच्च गुणवत्ता वाले भूकंपीय (सीस्मिक) आंकड़ों का संग्रह, गहरे और अति-गहरे समुद्र में खोजी ड्रिलिंग, सीमांत बेसिनों में वैज्ञानिक ड्रिलिंग, साझा अपतटीय उत्पादन और निकासी ढांचे का विकास तथा एकीकृत ऑयल एंड गैस मैन्युफैक्चरिंग एंड सर्विसेज जोन की स्थापना की जाएगी।
‘समुद्र मंथन’ योजना से देश को क्या लाभ होगा?
सरकार का कहना है कि ‘समुद्र मंथन’ योजना से देश में अपतटीय तेल और गैस खोज गतिविधियों में तेजी आएगी। इससे घरेलू उत्पादन बढ़ेगा, बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और ‘मेक इन इंडिया’ तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ को मजबूती मिलेगी। योजना में डिजिटल प्रोग्राम प्रबंधन, क्षमता निर्माण, नई तकनीक अपनाने, हितधारकों के सहयोग और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी जैसे प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। सरकार का मानना है कि इससे उद्योग, नवाचार और आर्थिक विकास को भी लंबे समय तक बढ़ावा मिलेगा।