ईपीएफओ मान्यनीय सुप्रीम कोर्ट के 4-11-2022 के आदेश की सही व्याख्या कर 9राज्यों के हाई कोर्ट के आदेश का पालन किया जाए
राष्ट्रीय ई पी एस 95 पेंशनर्स एसोशिएसन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण वर्मा ने मान्यनीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश दिनांक 4-11-2022के आदेश की गलत व्याख्या कर नौ राज्यों के हाई कोर्ट के आदेश की अवहेलना का कड़ा विरोध करते हुए बताया कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) एक श्रमिक विरोधी संगठन बन गया है क्योंकि मान्यनीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या कर नौ राज्यों के हाई कोर्ट के आदेश की अवहेलना कर रही है और ई पी एस 95 पेंशनर्स के हायर पेंशन के दावा को निरस्त कर रही है जो कि किसी भी दृष्टि से न्याय संगत नहीं है क्योंकि ई पी एफ ओ ई पी एस 95 पेंशनर्स की हायर पेंशन के दावा को निरस्त कर रही है और माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या कर देश के 9 उच्च न्यायालयों के आदेश की अवहेलना कर रहा है
अत: पेंशनर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण वर्मा ने मान्यनीय प्रधानमंत्री महोदय एवं केंद्रीय श्रम मंत्री महोदय से अनुरोध किया है कि ई पी एफ ओ को निर्देशित करें कि मान्यनीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या नहीं करते हुए नौ राज्यों के हाई कोर्ट के आदेश का पालन किया जाए साथ ही पेंशनर्स के लिए पुनः पोर्टेबल खोला जाए

