राखी पर बहन ने मांगा अनोखा उपहार, भाई ने दिया जिंदगीभर नशे से दूर रहने का वचन । श्रावणी पर्व पर संस्कार, नारी सम्मान, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश; भाई-बहन ने लिया समाज को नई दिशा देने का संकल्प

भोपाल। श्रावण पूर्णिमा एवं रक्षाबंधन के पावन पर्व पर गायत्री शक्तिपीठ, भोपाल में आयोजित श्रावणी उपाकर्म एवं रक्षा सूत्र बंधन कार्यक्रम ने भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए एक प्रेरणादायी संदेश दिया। यहां बहनों ने भाइयों से महंगे उपहार के बजाय नशामुक्त, संस्कारवान और जिम्मेदार जीवन जीने का संकल्प मांगा।
रक्षा सूत्र बांधते हुए एक बहन ने अपने भाई से कहा मुझे उपहार में सिर्फ यह वचन दो कि तुम जीवन में कभी नशा नहीं करोगे। भाई ने राखी के पवित्र धागे को साक्षी मानकर जीवनभर नशे से दूर रहने, गलत संगत से बचने, बहनों सहित समाज की प्रत्येक बेटी और महिला का सम्मान करने तथा संस्कारवान जीवन जीने का वचन दिया।
कार्यक्रम में बहनों ने भाइयों को तुलसी एवं अन्य पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस अवसर पर कहा गया कि बहन की रक्षा का अर्थ केवल उसकी व्यक्तिगत सुरक्षा नहीं, बल्कि समाज की प्रत्येक बेटी और महिला का सम्मान करना, युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से बचाना और प्रकृति की रक्षा करना भी है।
श्रावणी उपाकर्म का शुभारंभ हेमाद्रि संकल्प एवं दशस्नान के साथ हुआ। विधि-विधानपूर्वक पूजन के बाद नवीन यज्ञोपवीत धारण कराया गया। विश्व कल्याण, राष्ट्र की सुख-शांति एवं समस्त चराचर जगत के मंगल की कामना से यज्ञ में आहुतियां अर्पित की गईं। श्रद्धालुओं ने आत्मपरिष्कार, संस्कारमय जीवन और लोकमंगल का संकल्प लिया।
श्रावणी पर्व की महत्ता जिला सह-समन्वयक श्री देवेंद्र श्रीवास्तव ने बताई। युवाओं को श्रावणी की शाश्वत ऋषि परंपरा के वैज्ञानिक पक्ष से परिचित कराने का प्रयास युवा प्रकोष्ठ जिला संयोजक डॉ. दयानंद समेले ने किया। संस्कार संबंधी व्यवस्थाएं श्री वासुदेव डांगे, श्री रामप्रकाश गुप्ता एवं तहसील समन्वयक श्री कमल किशोर वर्मा की टीम ने संभाली।
अखिल विश्व गायत्री परिवार भोपाल के जिला समन्वयक रमेश नागर ने बताया कि युवा प्रकोष्ठ के नैष्ठिक परिजन श्री अभिषेक शिवहरे के प्रयासों से इस वर्ष रक्षाबंधन के अवसर पर 10 लाख संकल्प पत्रक तैयार कराए गए हैं। इन संकल्प पत्रकों को मध्यप्रदेश सहित देश के 12 राज्यों तथा विदेशों तक पहुंचाया गया है। अभियान के माध्यम से नारी सम्मान, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
नागर ने कहा कि पर्व-त्योहार केवल परंपरा निभाने तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए सकारात्मक संकल्प लेने का माध्यम बनें, तभी उनका वास्तविक उद्देश्य सार्थक होगा। रक्षाबंधन पर भाई-बहन का यह संकल्प संदेश देता है कि सबसे अनमोल राखी वही है, जो जीवन को नशामुक्त, संस्कारवान और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाए।




