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जालंधर में बढ़ा स्वाइन फ्लू का खतरा! 11 केस पॉजिटिव, 85 वर्षीय मरीज की हुई मौत

दिल्ली में स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ने के बाद अब इसका असर दूसरे राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। पंजाब के जालंधर जिले में H1N1 संक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं और अब तक 11 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं, 85 वर्षीय एक मरीज की मौत भी हुई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने अभी इस मौत को सीधे स्वाइन फ्लू से जोड़कर पुष्टि नहीं की है। ऐसे में बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।

3-4 साल बाद फिर बढ़े मामले

जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. शोभना बंसल के अनुसार, जालंधर में करीब 3 से 4 साल बाद स्वाइन फ्लू के मामलों में इस तरह की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। पिछले कुछ वर्षों में जिले में आमतौर पर एक या दो मामले ही सामने आते थे। हालिया बढ़ोतरी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और अस्पतालों में तैयारियां बढ़ा दी हैं।

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85 वर्षीय मरीज की मौत, लेकिन कारण अभी स्पष्ट नहीं

जालंधर में एक 85 वर्षीय मरीज की H1N1 रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक मरीज को पहले से COPD समेत अन्य स्वास्थ्य समस्याएं थीं। ऐसे में सिर्फ H1N1 संक्रमण को मौत का कारण मानना फिलहाल सही नहीं होगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मौत का वास्तविक कारण स्वास्थ्य ऑडिट के बाद स्पष्ट होगा। इसलिए इसे फिलहाल संदिग्ध स्वाइन फ्लू मृत्यु के तौर पर देखा जा रहा है।

सिविल अस्पताल में तैयार किया गया 14 बेड का वार्ड

मरीजों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए जालंधर सिविल अस्पताल में संदिग्ध स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए 14 बेड का वार्ड तैयार किया गया है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर छह अतिरिक्त बेड की व्यवस्था भी की जा सकती है। अस्पताल में सर्दी-खांसी जैसे लक्षणों वाले मरीजों के लिए अलग Flu Corner भी बनाया गया है, ताकि संदिग्ध मरीजों की पहचान और जांच में आसानी हो तथा सामान्य ओपीडी पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।

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संदिग्ध मरीजों के सैंपल अमृतसर भेजे जा रहे

स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए अमृतसर भेजे जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संदिग्ध मामलों की निगरानी और जांच प्रक्रिया को तेज किया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने, जरूरत पड़ने पर मास्क पहनने और हाथों को नियमित रूप से साफ करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा मोबाइल फोन, रिमोट कंट्रोल और रोजाना इस्तेमाल होने वाली दूसरी सतहों जैसी बार-बार छुई जाने वाली चीजों को साफ और सैनिटाइज रखने की सलाह भी दी गई है।

स्वाइन फ्लू के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

स्वाइन फ्लू में सामान्य तौर पर बुखार, गले में खराश और खांसी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। अगर लक्षण गंभीर हों या सांस लेने में परेशानी जैसी समस्या हो, तो समय पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। जालंधर में स्वाइन फ्लू के 11 मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में तैयारियां बढ़ा दी हैं। 85 वर्षीय मरीज की मौत को फिलहाल संदिग्ध स्वाइन फ्लू मृत्यु माना जा रहा है, जबकि मौत का वास्तविक कारण स्वास्थ्य ऑडिट के बाद स्पष्ट होने की बात कही गई है। ऐसे में लोगों को घबराने के बजाय जरूरी सावधानियां बरतने और फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है।

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