
विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। शहरों में आधुनिक अधोसंरचना के निर्माण के साथ नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। हमारे प्रदेश की प्राकृतिक संपदा, मानव संसाधन और अपार संभावनाओं का उपयोग कर हम सब मिलकर एक समृद्ध, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आज रायपुर जिले के नगर निगम बीरगांव में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।


मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर बीरगांव नगर निगम क्षेत्र को 135 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने इन कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करने के साथ ही क्षेत्र की आवश्यकताओं को देखते हुए लगभग 110 करोड़ रुपये के नवीन विकास कार्यों की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीरगांव तेजी से विकसित हो रहा शहरी क्षेत्र है। औद्योगिक गतिविधियों और बढ़ती आबादी के अनुरूप यहां सड़क, पेयजल, स्वच्छता, सीवरेज, खेल सुविधाओं और अन्य नागरिक अधोसंरचनाओं को मजबूत करने की आवश्यकता है। राज्य सरकार इन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध ढंग से कार्य कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में बीरगांव नगर निगम क्षेत्र को 160 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लोकार्पित और भूमिपूजन किए गए विकास कार्यों में नगर निगम से संबंधित 94 करोड़ रुपये से अधिक तथा लोक निर्माण विभाग के 38 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही नगरोत्थान योजना के अंतर्गत लगभग 16 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया है। इन कार्यों के पूरा होने से बीरगांव और आसपास के क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वच्छता, खेल अधोसंरचना सहित अनेक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।
*स्टेट कैपिटल रीजन से बीरगांव के विकास को मिलेगी नई दिशा*
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार रायपुर, दुर्ग-भिलाई और आसपास के क्षेत्रों को सम्मिलित करते हुए स्टेट कैपिटल रीजन विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसमें बीरगांव भी शामिल है। स्टेट कैपिटल रीजन के माध्यम से पूरे क्षेत्र के सुनियोजित, समन्वित और दीर्घकालीन विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा। इसका लाभ आने वाले वर्षों में बीरगांव को भी मिलेगा और यहां आधुनिक शहरी अधोसंरचना एवं नागरिक सुविधाओं के विकास को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि विकास का अर्थ केवल सड़क और भवन बनाना नहीं, बल्कि नागरिकों के दैनिक जीवन को आसान बनाना भी है। इसी सोच के साथ सरकार सुशासन और ईज ऑफ लिविंग की दिशा में लगातार सुधार कर रही है। तकनीक के माध्यम से सरकारी सेवाओं को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बीरगांव में मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय का निर्माण भी किया जाएगा। प्रदेश में 10 मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय विकसित किए जा रहे हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्री और स्वतः नामांतरण जैसी व्यवस्थाओं से भूमि संबंधी सेवाओं को सरल बनाया गया है। मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय के निर्माण से बीरगांव और आसपास के नागरिकों को जमीन की रजिस्ट्री से संबंधित सेवाएं अधिक सुविधाजनक ढंग से उपलब्ध होंगी।
*बीरगांव में एसटीपी के लिए 82 करोड़ रुपये की बड़ी घोषणा*
मुख्यमंत्री श्री साय ने बीरगांव के लिए अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने नगर निगम क्षेत्र में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण के लिए 82 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। इससे क्षेत्र में सीवेज प्रबंधन की व्यवस्था को मजबूत करने और स्वच्छता के स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने ओवरहेड टैंक एवं पाइपलाइन विस्तार के लिए 10 करोड़ रुपये, अधोसंरचना मद से सड़क एवं नाली निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये तथा सरोरा में खेल मैदान के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने बीरगांव में विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए आधुनिक अध्ययन सुविधाओं से युक्त नालंदा परिसर के निर्माण के लिए भी 5 करोड़ रुपये देने की घोषणा की।


