रायपुर : आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी दे रहे बढ़ावा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है। रक्तदाता द्वारा दिया गया रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाकर उसके परिवार के लिए नई उम्मीद बन सकता है। आज बड़ी संख्या में माताओं-बहनों, युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों का रक्तदान, देहदान और अंगदान के लिए आगे आना सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक दायित्व की प्रेरणादायी मिसाल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित आयुर्वेद सेवा सम्मेलन, रक्तदान महाकुंभ एवं वृहद स्वास्थ्य जांच शिविर को संबोधित करते समय यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की शुभकामनाएं दीं और रक्तदान, देहदान एवं अंगदान का संकल्प लेने वाले नागरिकों के सेवा भाव की सराहना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से प्रदेशभर में सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जनसेवा और जनकल्याण के विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सेवा का यह अभियान समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ रहा है। रक्तदान से लेकर जरूरतमंद बच्चों के लिए पुस्तक, खिलौने और स्टेशनरी एकत्रित करने तक अनेक गतिविधियां इस अभियान को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर आयोजित आयुर्वेद सेवा सम्मेलन और रक्तदान महाकुंभ इसी सेवा भावना का सशक्त उदाहरण है। विशेष रूप से इतनी बड़ी संख्या में माताओं-बहनों का रक्तदान के लिए आगे आना अत्यंत प्रेरणादायी है। एक ही दिन में 1000 से अधिक महिलाओं ने रक्तदान कर मानव सेवा की अनुपम मिसाल प्रस्तुत की है। इस ऐतिहासिक पहल का गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।
*1000 से अधिक महिलाओं के रक्तदान की पहल ने बनाया विश्व रिकॉर्ड*
रक्तदान महाकुंभ में सेवा और जनभागीदारी की ऐतिहासिक तस्वीर देखने को मिली। आयोजन के लिए 3600 से अधिक महिलाओं ने रक्तदान हेतु पंजीयन कराया था और रक्तदान के लिए 200 बेड की व्यवस्था की गई। एक ही दिन में 1000 से अधिक महिलाओं के रक्तदान की पहल को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को इस उपलब्धि का प्रमाणपत्र एवं मेडल प्रदान किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस उपलब्धि पर सभी रक्तदाताओं को बधाई देते हुए कहा कि रक्तदान का महत्व केवल आंकड़ों या रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। रक्त की प्रत्येक यूनिट किसी जरूरतमंद मरीज के लिए जीवन की नई आशा है। रक्तदान के लिए आगे आने वाला प्रत्येक व्यक्ति मानवता की सेवा में अपना अमूल्य योगदान देता है।
रक्तदान महाकुंभ में महिला एवं पुरुषों की बड़ी भागीदारी रही। आयोजन में लगभग 2500 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य रखा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में रक्तदान के प्रति बढ़ती जागरूकता और युवाओं तथा महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी सेवा के संस्कारों को और मजबूत करती है।
*देहदान और अंगदान मानव सेवा का सर्वोच्च उदाहरण : मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रोजेक्ट दधीचि के अंतर्गत देहदान और अंगदान का संकल्प लेने वाले नागरिकों की विशेष सराहना की। कार्यक्रम में 31 लोगों ने देहदान का संकल्प लिया, जिनमें पद्मश्री एवं धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा भी शामिल रहे। प्रोजेक्ट दधीचि के अंतर्गत अब तक 103 लोगों द्वारा देहदान का संकल्प लिया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन के बाद भी किसी के काम आने का संकल्प मानव सेवा की अत्यंत प्रेरणादायी भावना है। देहदान चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, वहीं अंगदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। उन्होंने इस पुनीत संकल्प से जुड़ने वाले सभी नागरिकों को शुभकामनाएं दीं।



