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फॉर्म्स एंड सोसाइटी एडवोकेट बार एसोसिएशन भोपाल ने तीन माह की मोहलत की मांग की

भोपाल। मध्यप्रदेश में स्वयंसेवी संस्थाओं, सोसायटियों एवं सामाजिक संगठनों के लिए म.प्र. सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1973 की धारा 27 एवं 28 के अंतर्गत ऑनलाइन फाइलिंग की व्यवस्था लागू किए जाने के बाद पोर्टल पर आ रही तकनीकी परेशानियों को लेकर संस्थाओं में चिंता बढ़ रही है। फॉर्म्स एंड सोसाइटी एडवोकेट बार एसोसिएशन, भोपाल ने इन समस्याओं को लेकर औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर तकनीकी दिक्कतों के तत्काल समाधान के साथ ऑनलाइन फाइलिंग की अंतिम तिथि में कम से कम तीन माह की वृद्धि किए जाने की मांग की है।
एसोसिएशन की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि 17 अगस्त 2026 से धारा 27 की ऑनलाइन फाइलिंग के लिए लागू की गई व्यवस्था के तहत प्रक्रिया पूरी करने में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में संस्थाओं को अनेक तकनीकी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही फर्म रजिस्ट्रेशन एवं संशोधन संबंधी ऑनलाइन प्रक्रियाओं में भी तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं। इन परेशानियों के कारण प्रदेशभर की स्वैच्छिक संस्थाओं के लिए निर्धारित समय-सीमा में धारा 27 एवं 28 की ई-फाइलिंग करना कठिन हो रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी भी बड़ी चुनौती

फॉर्म्स एंड सोसाइटी एडवोकेट बार एसोसिएशन भोपाल का कहना है कि मध्यप्रदेश के अनेक ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में आज भी इंटरनेट कनेक्टिविटी पर्याप्त नहीं है। कई स्थानों पर इंटरनेट उपलब्ध होने के बावजूद नेटवर्क की गति, सर्वर एवं पोर्टल संबंधी समस्याओं के कारण ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने में काफी समय लग रहा है।
एसोसिएशन ने कहा कि प्रदेश की अनेक सामाजिक एवं जनसेवा संस्थाएं ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में कार्य करती हैं। ऐसे में केवल ऑनलाइन व्यवस्था लागू कर देने से इन संस्थाओं के सामने व्यावहारिक कठिनाइयां पैदा हो रही हैं। तकनीकी समस्याओं के कारण आवेदन प्रक्रिया पूरी करने और दस्तावेज अपलोड करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पोर्टल को सरल बनाने और प्रशिक्षण की मांग
एसोसिएशन ने सुझाव दिया है कि ऑनलाइन पोर्टल से संबंधित प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ-साथ पोर्टल सर्विस प्रोवाइडरों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारियों को कम से कम दो चरणों में प्रशिक्षण दिया जाए। इससे संस्थाओं के पदाधिकारी ऑनलाइन फाइलिंग की प्रक्रिया को सही तरीके से समझ सकेंगे और तकनीकी त्रुटियों के कारण आवेदन लंबित होने की स्थिति को कम किया जा सकेगा।

ई-फाइलिंग के लिए तीन माह की अतिरिक्त समय-सीमा मांगी

वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए फॉर्म्स एंड सोसाइटी एडवोकेट बार एसोसिएशन भोपाल ने 17 अगस्त 2026 से लागू ऑनलाइन व्यवस्था के अंतर्गत धारा 27 एवं 28 की ई-फाइलिंग के लिए कम से कम तीन माह की अतिरिक्त समय-सीमा प्रदान करने की मांग की है। इसके लिए रजिस्ट्रार, फर्म्स एवं सोसायटी, मध्यप्रदेश को आवश्यक आदेश जारी करने का अनुरोध किया गया है।

एसोसिएशन का कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था का उद्देश्य प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और सुविधाजनक बनाना है, लेकिन जब तक तकनीकी समस्याओं का समाधान और संबंधित संस्थाओं को पर्याप्त प्रशिक्षण उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक निर्धारित समय-सीमा में ऑनलाइन फाइलिंग अनिवार्य करने से अनेक संस्थाएं अनावश्यक परेशानी में पड़ सकती हैं।

तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान जरूरी

एसोसिएशन द्वारा पत्र के साथ ऑनलाइन फाइलिंग के दौरान सामने आ रही तकनीकी परेशानियों का विस्तृत विवरण भी संलग्न किया गया है। इसमें पोर्टल की कार्यप्रणाली, सर्वर संबंधी समस्याओं तथा फाइलिंग के दौरान आने वाली तकनीकी त्रुटियों के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

एसोसिएशन ने विभाग से आग्रह किया है कि इन तकनीकी बिंदुओं का परीक्षण कर पोर्टल में आवश्यक सुधार किए जाएं तथा फाइलिंग प्रक्रिया के दौरान आने वाली त्रुटियों के लिए प्रभावी हेल्पडेस्क एवं तकनीकी सहायता व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।

प्रदेश में बड़ी संख्या में सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, धार्मिक एवं जनसेवा से जुड़ी संस्थाएं कार्यरत हैं। इन संस्थाओं की गतिविधियों को देखते हुए ऑनलाइन व्यवस्था को सुचारु एवं सहज बनाना आवश्यक है। फॉर्म्स एंड सोसाइटी एडवोकेट बार एसोसिएशन भोपाल का मानना है कि तकनीकी सुधार, पर्याप्त प्रशिक्षण और उचित समय-सीमा उपलब्ध कराने के बाद ही नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।

एसोसिएशन ने प्रमुख सचिव से मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करते हुए धारा 27 एवं 28 की ई-फाइलिंग की समय-सीमा तीन माह बढ़ाने, पोर्टल की तकनीकी समस्याओं का स्थायी निराकरण कराने तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की है।

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