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नक्सल मुक्ति के बाद बालाघाट में स्वास्थ्य एवं नागरिक सुविधाओं का तेजी से सुदृढ़ीकरण: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल।उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि राहुल गांधी जी लंबे समय बाद बालाघाट आ रहे हैं। बालाघाट लंबे समय तक नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहा है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी, केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह जी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में वर्षों पुरानी नक्सल समस्या को समाप्त कर बालाघाट को नक्सल मुक्त बनाने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि नक्सल मुक्ति के बाद सरकार की प्राथमिकता केवल क्षेत्र को सुरक्षित बनाना नहीं, बल्कि वहां के प्रत्येक परिवार, महिला और बच्चे को विकास एवं नागरिक सुविधाओं की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से व्यवस्थाओं का विस्तार किया जा रहा है।

बालाघाट में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार

शुक्ल ने कहा कि नक्सल मुक्ति के बाद बालाघाट के दूरस्थ एवं अधिक प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 14 नए स्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही 10 नए उप-स्वास्थ्य केंद्र, 2 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 2 नए कम्युनिटी हेल्थ सेंटर विकसित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र में बैहर और बिरसा के सोनगुड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 30 बिस्तरों वाले कम्युनिटी हेल्थ सेंटर के रूप में विकसित किया गया है। मोबाइल मेडिकल यूनिट, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और कम्युनिटी हेल्थ सेंटर के माध्यम से दूरस्थ आबादी तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाई जा रही है।

प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 3,100 से अधिक बॉन्डेड डॉक्टरों की पोस्टिंग की गई है, जिनमें से 2,600 से अधिक डॉक्टर ज्वॉइन कर चुके हैं। इससे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी दूर होगी और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में निःशुल्क जांच एवं निःशुल्क दवाइयों की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने से इन सेवाओं को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। वर्ष 2003 से पहले जहां संस्थागत प्रसव 21 प्रतिशत था, वह अब बढ़कर 92 प्रतिशत हो गया है। वहीं प्रसवपूर्व जांच 52 प्रतिशत से बढ़कर 89.8 प्रतिशत हुई है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण, आयरन एवं अन्य आवश्यक दवाइयों के वितरण सहित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का कवरेज बढ़ाया गया है। आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।

महिला एवं बाल विकास सेवाओं का विस्तार

श्री शुक्ल ने कहा कि नक्सल मुक्त होने के बाद क्षेत्र के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने में महिला एवं बाल विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए 4 नए CDPO की पदस्थापना की गई है तथा 51 से अधिक अतिरिक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की व्यवस्था की गई है। इनके माध्यम से प्रत्येक घर, महिला और बच्चे तक पहुंच बनाने, बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों से जोड़ने, पोषण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा कुपोषण की समस्या पर प्रभावी ढंग से काम करने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी द्वारा इन क्षेत्रों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। भोपाल स्तर से जिला कलेक्टर, CMHO, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं आशा कार्यकर्ताओं के साथ वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के माध्यम से स्थिति की निरंतर समीक्षा की जा रही है।

नक्सल मुक्ति के बाद अंतिम व्यक्ति तक पहुंच

श्री शुक्ल ने कहा कि जब बालाघाट नक्सल प्रभावित क्षेत्र था, तब दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना बड़ी चुनौती थी। नक्सल समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के बाद अब इन क्षेत्रों में नियमित प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि आज क्षेत्र में होने वाली घटनाओं की रिपोर्टिंग भी हो रही है। सरकार का प्रयास है कि ऐसी घटनाओं को शून्य तक लाया जाए और इसके लिए आवश्यक निर्णय, स्वीकृतियां तथा पदस्थापनाएं लगातार की जा रही हैं।

राहुल गांधी इतने समय बाद बालाघाट आ रहे हैं। श्री शुक्ल ने कहा कि इतनी महत्वपूर्ण परिस्थितियों के बाद विपक्ष के नेताओं द्वारा कार्यक्रम तय करना यह दर्शाता है कि राजनीतिक लाभ लेने के लिए क्षेत्र में उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास किया जा रहा है। यदि कठिन परिस्थितियों के समय वहां पहुंचकर लोगों के साथ खड़े होते, तो संवेदनशीलता का संदेश अधिक स्पष्ट होता।

उन्होंने कहा कि बालाघाट लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहा है। आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में यह क्षेत्र नक्सल मुक्त हो चुका है। अब सरकार का ध्यान क्षेत्र को तेजी से विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और प्रत्येक नागरिक तक आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने पर है।

श्री शुक्ल ने कहा कि बालाघाट को नक्सल मुक्त करने के साथ-साथ वहां स्वास्थ्य, पोषण, महिला एवं बाल विकास तथा अन्य नागरिक सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया गया है। सरकार की मंशा है कि वर्षों तक नक्सल प्रभाव के कारण विकास से दूर रहे क्षेत्रों में अब किसी भी नागरिक को आवश्यक सुविधा के लिए दूर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल नक्सलवाद समाप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका वास्तविक उद्देश्य वहां के लोगों को सुरक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और अन्य नागरिक सुविधाओं के माध्यम से पूरी तरह मुख्यधारा से जोड़ना है। सरकार इस दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

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